July 30, 2026

बिलासपुर न्यूज अपडेट : सिरगिट्टी में गहराया जल संकट, यातायात पुलिस की सख्ती, सकरी में 13 आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर। सिरगिट्टी क्षेत्र में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र के तीन वार्डों के निवासी पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर हो गई हैं। घंटों इंतजार के बाद पानी मिल रहा है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

इधर, बिलासपुर यातायात पुलिस ने प्रेशर हॉर्न, हूटर और मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है। अभियान के दौरान 20 बसों समेत कई वाहनों की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई की गई, जबकि गंभीर मामलों को न्यायालय भेजा गया है। पुलिस ने अवैध हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर बेचने वाले दुकानदारों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

वहीं सकरी पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों पर पुरानी रंजिश, मारपीट और विवाद से जुड़े मामले दर्ज हैं। लगातार शांति भंग करने की शिकायतों के बाद उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत इस्तगाशा तैयार किया है।

उधर कोरबा जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र में स्थित सोमवारी बाजार की एक फर्नीचर दुकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखा अधिकांश फर्नीचर, लकड़ी का सामान, सोफा, कुर्सियां और टेबल जलकर खाक हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दुकान की छत की चादरें भी टूटकर बाहर निकलने लगीं।

स्थानीय लोगों ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया। डायल-112 और दमकल विभाग को सूचना दी गई, लेकिन लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों ने बाल्टियों, ड्रम और पाइपों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।