May 14, 2026

Bilaspur News Update: हाईकोर्ट रोस्टर में बड़ा बदलाव, रेलवे की सख्ती, हत्या का खुलासा; कई जिलों में प्रशासनिक हलचल

बिलासपुर/जांजगीर-चांपा/रायगढ़/कोरबा। छत्तीसगढ़ में एक साथ कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं, जिनमें न्यायपालिका, रेलवे प्रशासन, कानून-व्यवस्था, जनआंदोलन और कर्मचारी असंतोष जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल हैं। हाईकोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले रोस्टर में बड़ा बदलाव किया गया है, वहीं रेलवे ने अलार्म चेन के दुरुपयोग पर सख्ती दिखाई है। दूसरी ओर जांजगीर-चांपा में हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जबकि रायगढ़ और कोरबा में विरोध-प्रदर्शन ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है।

हाईकोर्ट रोस्टर में बदलाव, 7 मई से नई व्यवस्था लागू

बिलासपुर हाईकोर्ट ने ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले अपनी न्यायिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए नया रोस्टर जारी किया है। 7 मई से चार डिवीजन बेंच और 14 सिंगल बेंचों में नियमित सुनवाई की जाएगी।
पहली डिवीजन बेंच में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल रिट अपील, हेबियस कॉर्पस, जनहित याचिका (PIL), आपराधिक अवमानना और विशेष मामलों की सुनवाई करेंगे।
दूसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल उन सभी आपराधिक मामलों की सुनवाई करेंगे, जो अन्य बेंचों को आवंटित नहीं किए गए हैं।
तीसरी बेंच में जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस एन.के. व्यास 2016 से अब तक की एक्विटल अपीलों की सुनवाई करेंगे।
चौथी डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत शामिल हैं, सभी शेष सिविल मामलों, मैट्रिमोनियल अपील, टैक्स और संवैधानिक मामलों की सुनवाई करेगी।
इसके अलावा चीफ जस्टिस की विशेष बेंच सहित 14 सिंगल बेंचों में भी विभिन्न मामलों की सुनवाई जारी रहेगी। इस बदलाव का उद्देश्य लंबित मामलों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करना है।

अलार्म चेन के दुरुपयोग पर रेलवे सख्त, 501 मामलों में कार्रवाई

बिलासपुर रेल मंडल में अलार्म चेन के दुरुपयोग के मामलों में लगातार वृद्धि को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जनवरी से अप्रैल के बीच 501 मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 1 लाख 92 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कई यात्री बिना किसी आपात स्थिति के चेन पुलिंग कर देते हैं, जिससे ट्रेन संचालन बाधित होता है और अन्य यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
रेल अधिनियम के तहत बिना कारण चेन खींचना दंडनीय अपराध है, जिसमें एक वर्ष तक की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस सुविधा का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही करें।

मामूली विवाद में हत्या, ससुराल पक्ष के दो आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में एक हत्या के मामले का खुलासा हुआ है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
मृतक जगदीश प्रजापति अपनी पत्नी और बच्चे के साथ रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होने गया था। शराब के नशे में पत्नी से विवाद के बाद वह घर से निकल गया और अगले कुछ दिनों तक उसका कोई पता नहीं चला।
3 मई को उसका शव संदिग्ध हालत में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने जांच तेज की और पाया कि ससुराल पक्ष के दो लोगों ने गला दबाकर और डंडों से मारकर उसकी हत्या कर दी थी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस घटना ने पारिवारिक विवादों के खतरनाक रूप को उजागर किया है।

समाधान शिविर के बाहर कांग्रेस का विरोध, सरकार पर गंभीर आरोप

रायगढ़ जिले में आयोजित समाधान शिविर के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा आयोजित ये शिविर केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के लंबित आवेदनों का अब तक निराकरण नहीं किया गया है, जबकि नई योजनाओं का प्रचार किया जा रहा है।
आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं के लाभ में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने तख्तियां लेकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

वन कर्मचारी संघ का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी

कोरबा और बिलासपुर संभाग में वन कर्मचारी संघ ने स्थानांतरण नीति के उल्लंघन को लेकर नाराजगी जाहिर की है।
संघ का आरोप है कि प्रतिबंधित अवधि में भी नियमों के विपरीत कर्मचारियों के तबादले किए जा रहे हैं। इस संबंध में कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।
इस मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था और कर्मचारियों के बीच बढ़ते असंतोष को उजागर किया है।


छत्तीसगढ़ में एक ही दिन में न्यायिक सुधार, रेलवे की सख्ती, हत्या का खुलासा और जनआंदोलन जैसी कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आई हैं। ये घटनाएं न सिर्फ प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाती हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था, जनसुविधाओं और शासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती हैं।