बिलासपुर। रेलवे ठेकेदार के सुपरवाइजर की हत्या के मामले में पुलिस ने एक 16 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग ने कथित तौर पर पिटाई और अपमान का बदला लेने के लिए इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
पानी टंकी के पास मिली थी खून से सनी लाश
मामला तोरवा थाना क्षेत्र स्थित आरपीएफ कॉलोनी का है। गुरुवार को पानी टंकी के पास एक कर्मचारी का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और तोरवा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
मृतक की पहचान बिहार के आरा निवासी नरेश गुप्ता (35) के रूप में हुई, जो रेलवे ठेकेदार की कंस्ट्रक्शन साइट पर सुपरवाइजर के तौर पर कार्यरत था।
CCTV फुटेज से मिला सुराग
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें एक संदिग्ध हाफ पैंट और टी-शर्ट पहने नजर आया। फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और हत्या में कथित रूप से शामिल नाबालिग तक पहुंच गई।
बारिश का पानी छिटकने पर हुई थी पिटाई
पुलिस पूछताछ में नाबालिग ने हत्या के पीछे की वजह बताई। उसके अनुसार मंगलवार रात तेज बारिश के दौरान वह साइकिल से घर जा रहा था। इस दौरान साइकिल से सड़क किनारे खड़े सुपरवाइजर के ऊपर बारिश का पानी छिटक गया।
आरोप है कि इस बात से नाराज होकर सुपरवाइजर ने उसे रोककर थप्पड़ मारे थे। नाबालिग ने इसे अपना अपमान मानते हुए बदला लेने की योजना बनाई।
हथौड़े से हमला कर हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार, योजना के तहत नाबालिग बुधवार रात कंस्ट्रक्शन साइट पर पहुंचा और पीछे के रास्ते से अंदर घुसा। रात करीब 11:30 बजे वह कथित तौर पर सुपरवाइजर के कमरे तक पहुंचा और उसके सोने का इंतजार किया।
इसके बाद हथौड़े और अन्य भारी वस्तु से सिर पर हमला करने का आरोप है, जिससे सुपरवाइजर की मौत हो गई। पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लेकर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।





