March 3, 2026

सराफा व्यापारी लूट कांड: मिर्जापुर कोर्ट से मिला प्रोडक्शन रिमांड, आरोपी आज लाए जाएंगे बिलासपुर

बिलासपुर। बिलासपुर में सराफा व्यवसायी पर जानलेवा हमला कर लूट के मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज की है, जिसके चलते उन्हें छत्तीसगढ़ लाने के लिए प्रोडक्शन रिमांड की जरूरत पड़ी। दो दिन की कानूनी प्रक्रिया के बाद शुक्रवार शाम मिर्जापुर की अदालत से चारों आरोपियों का रिमांड मिल गया। पुलिस टीम उन्हें लेकर बिलासपुर के लिए रवाना हो चुकी है और शनिवार देर शाम या रात तक उनके पहुंचने की संभावना है।

मुठभेड़ में दो आरोपियों के पैर में लगी गोली

राजकिशोर नगर में हुई लूट के बाद चार आरोपी मिर्जापुर के अहरौर क्षेत्र में पकड़े गए थे। पुलिस मुठभेड़ में विजय लांबा और मोनू उर्फ राहुल के पैर में गोली लगी। शॉर्ट एनकाउंटर के बाद मिर्जापुर पुलिस ने लूट का माल रखने, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।

रिमांड के लिए दो दिन तक चली कानूनी प्रक्रिया

सीएसपी निमितेश सिंह टीम के साथ यूपी पहुंचे और वहां की पुलिस से समन्वय स्थापित किया। आवश्यक दस्तावेज बिलासपुर से मंगवाए गए। सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद शुक्रवार शाम अदालत ने प्रोडक्शन रिमांड मंजूर किया। अब बिलासपुर पुलिस आरोपियों को यहां लाकर आगे पूछताछ करेगी।

24 घंटे में ट्रेस हुए आरोपी, पूरा माल बरामद

घटना की सूचना मिलते ही आईजी रामगोपाल गर्ग मौके पर पहुंचे। उनके साथ एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह, पंकज पटेल, सीएसपी निमितेश सिंह और टीआई प्रदीप आर्या सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। रेंज के सभी जिलों में तत्काल नाकेबंदी के निर्देश दिए गए।

पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना से व्यापारी की लूटी गई गाड़ी उरतुम गांव से बरामद हुई। 24 घंटे के भीतर आरोपियों को ट्रेस कर यूपी पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया और लूट का पूरा माल रिकवर कर लिया गया।

पहले भी 24 घंटे में सुलझा था बड़ा मामला

गौरतलब है कि 19 सितंबर 2023 को रायगढ़ के ढीमरापुर स्थित एक्सिस बैंक में 5 करोड़ 62 लाख रुपये की डकैती हुई थी। उस समय भी रामगोपाल गर्ग के नेतृत्व में 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरी रकम की बरामदगी की गई थी।

पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज

अब तक आरोपियों से विस्तृत पूछताछ नहीं हो सकी है। बिलासपुर पहुंचने के बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। संभावना है कि इससे छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में हुई पुरानी लूट और डकैती की वारदातों से जुड़े अहम खुलासे हो सकते हैं।