बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में दो 7 वर्षीय बच्चियों के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज करने में देरी की गई, महत्वपूर्ण साक्ष्य नहीं जुटाए गए और उन्हें कार्रवाई के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े।
बिलासपुर। सिरगिट्टी क्षेत्र में दो मासूम बच्चियों के साथ कथित दुष्कर्म की घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। बच्चियों की मां परिजनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचीं और थाना सिरगिट्टी पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
परिजनों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद वे सुबह से देर रात तक थाना और पुलिस अधिकारियों के पास भटकते रहे, लेकिन बार-बार निवेदन के बावजूद उनकी शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उनका आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही मामला दर्ज किया गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस को घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य और संभावित साक्ष्यों की जानकारी दी थी, लेकिन उन पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
बच्चियों ने सुनाई आपबीती
परिजनों के मुताबिक, बच्चियों ने बताया कि आरोपी उन्हें चॉकलेट खिलाने के बहाने अपने साथ ले जाता था और उनके साथ गलत हरकत करता था। बच्चियों ने यह भी बताया कि घटना के दौरान उन्हें रस्सी से बांधकर रखा जाता था। परिवार का आरोप है कि इस संबंध में जानकारी दिए जाने के बावजूद पुलिस ने जरूरी साक्ष्य एकत्र नहीं किए।
पीड़ित परिवार ने बच्चियों और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आरोपी बाल अपचारी को भेजा जा रहा बाल सुधार गृह
मामले पर रजनेश सिंह ने कहा कि 14 वर्षीय बाल अपचारी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे बाल सुधार गृह भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि परिजनों द्वारा पुलिस के व्यवहार और कार्रवाई को लेकर लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।





