नई दिल्ली।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की कुर्सी को खाली हुए करीब डेढ़ साल का समय बीत चुका है। अब इस पद को भरने की तिथि सामने आ गई है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 19 और 20 जनवरी को होगा। 19 जनवरी को नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि 20 जनवरी को चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित पार्टी और संगठन के 10 वरिष्ठ नेता प्रस्तावक के रूप में नामांकन करेंगे। पार्टी सूत्रों का दावा है कि नितिन नबीन अकेले उम्मीदवार होंगे, ऐसे में चुनाव औपचारिकता मात्र रह जाएगा।
भाजपा के वर्तमान कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 20 जनवरी को पार्टी के पूर्णकालिक अध्यक्ष बन सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो वे भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। उनका कार्यकाल जनवरी 2029 तक रहेगा, हालांकि 2029 लोकसभा चुनाव को देखते हुए कार्यकाल बढ़ाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
पार्टी का शीर्ष नेतृत्व चाहता है कि नितिन नबीन की ताजपोशी भव्य और गरिमामय समारोह के साथ हो, ताकि संगठन में उनकी मजबूत पकड़ स्थापित हो सके। नितिन नबीन को भाजपा की नई पीढ़ी के नेताओं में अहम चेहरा माना जा रहा है।
29 राज्यों में संगठनात्मक चुनाव अंतिम चरण में
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के संगठनात्मक चुनाव 37 में से 29 राज्यों में अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं। इन राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नबीन के समर्थन में नामांकन पत्रों का एक सेट जमा करेंगे। वहीं भाजपा राष्ट्रीय परिषद के सदस्य भी उनके पक्ष में अलग से नामांकन दाखिल करेंगे।
लगातार पांच बार विधायक रहे हैं नितिन नबीन
15 दिसंबर 2025 को नितिन नबीन को भाजपा का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। 45 वर्षीय नितिन नबीन बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री हैं। वे 2006, 2010, 2015, 2020 और 2025 में बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए हैं। उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा भी भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे हैं।
केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल के संकेत
सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक बदलाव के साथ केंद्र सरकार में भी फेरबदल हो सकता है। यूपी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने पंकज चौधरी के कैबिनेट से बाहर होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा कुछ नेताओं को संगठन से सरकार में और कुछ नए चेहरों को पार्टी संगठन में अहम जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।





