March 3, 2026

कांग्रेस कई टुकड़ों में बंटी है: बृजमोहन अग्रवाल | दीपक बैज का पलटवार—बीजेपी इतनी बंटी है कि एक कोना भी कम पड़ेगा

रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के कांग्रेस को कई गुटों में बंटी हुई बताने वाले बयान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष दीपक बैज ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी खुद कई गुटों में बंटी हुई है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा, “बृजमोहन अग्रवाल का भी एक गुट है और बीजेपी इतनी टुकड़ों में बंटी है कि एक कोना भी कम पड़ जाएगा।”

महिला कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर बयान से शुरू हुआ विवाद

छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस अध्यक्ष के नाम को लेकर जारी सस्पेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि
“सोनिया गांधी की कांग्रेस अलग है, राहुल गांधी की कांग्रेस अलग है, प्रियंका गांधी की कांग्रेस अलग है, खड़गे की कांग्रेस अलग है और टीएस की कांग्रेस अलग है। पहले यह तय हो कि कौन-सी कांग्रेस कौन-सा काम करेगी।”

दिल्ली बैठक से लौटने के बाद बोले दीपक बैज

दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की अहम बैठक में शामिल होकर रायपुर लौटे पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान यह प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने बताया कि संगठन के महामंत्री के.सी. वेणुगोपाल ने 13 राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ बैठक ली, जिसमें—

  • संगठन सृजन से जुड़ी नियुक्तियां
  • जिला और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की कार्यकारिणी
  • मनरेगा बचाव अभियान
  • SIR को लेकर वन-टू-वन चर्चा
    जैसे मुद्दों पर मंथन हुआ।

नाम काटने के मामलों पर विशेष दल का प्रस्ताव

दीपक बैज ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में 400 से 500 फॉर्म बीजेपी नेताओं द्वारा जमा किए गए हैं। नाम काटने के मामलों को लेकर बैठक में विशेष दल गठित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के गठन के लिए समय-सीमा तय की गई है और इस संबंध में 31 मार्च तक रिपोर्ट देने का निर्देश है।

अजय चंद्राकर के बयान पर चुप्पी

भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर के इस बयान पर कि दीपक बैज दोबारा पीसीसी अध्यक्ष नहीं बनेंगे, बैज ने प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें इस पर कुछ नहीं कहना है।

धान खरीदी पर सरकार पर सवाल

धान खरीदी के मुद्दे पर दीपक बैज ने कहा कि इसकी समय-सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। कांग्रेस ने यह मांग पहले ही उठा दी थी, लेकिन सरकार की नीयत धान खरीदी को लेकर साफ नहीं दिख रही है।