हर साल फरवरी का महीना आते ही देश के करोड़ों नौकरीपेशा और मध्यम वर्गीय परिवारों की नजरें वित्त मंत्री के बजट भाषण पर टिक जाती हैं।
1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आम आदमी की जेब, बचत और भविष्य की योजनाओं की दिशा तय करेगा।
पिछले कुछ वर्षों में महंगाई, होम लोन की EMI, स्वास्थ्य खर्च और शिक्षा लागत बढ़ने से मिडिल क्लास पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में Budget 2026 से लोगों को टैक्स राहत और खर्च में संतुलन की बड़ी उम्मीदें हैं।
🔹 इनकम टैक्स में राहत की सबसे ज्यादा उम्मीद
- स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000–₹1 लाख किए जाने की मांग
- नई टैक्स व्यवस्था में स्लैब को और सरल करने की उम्मीद
- 5 लाख तक की आय को पूरी तरह टैक्स फ्री रखने की मांग
- सीनियर सिटीज़न और पेंशनर्स को अतिरिक्त टैक्स छूट की संभावना
🔹 होम लोन और किराएदारों के लिए राहत
- होम लोन पर ब्याज छूट की सीमा बढ़ाकर ₹3–4 लाख किए जाने की उम्मीद
- किराए पर रहने वालों के लिए HRA में बदलाव की मांग
- अफोर्डेबल हाउसिंग को फिर से बढ़ावा देने के संकेत
🔹 महंगाई से निपटने पर फोकस
- पेट्रोल-डीजल पर टैक्स में राहत की उम्मीद
- एलपीजी सिलेंडर और घरेलू गैस पर सब्सिडी
- रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर GST में कटौती की मांग
🔹 बचत और निवेश को बढ़ावा
- PF, PPF और NPS में टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने की मांग
- म्यूचुअल फंड और बीमा निवेश पर अतिरिक्त इंसेंटिव
- महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष बचत योजनाएं
🔹 हेल्थ और एजुकेशन पर बड़ा ऐलान संभव
- स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर ज्यादा टैक्स छूट
- सरकारी अस्पतालों और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बढ़ा बजट
- उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और स्टूडेंट लोन पर राहत
🔹 नौकरीपेशा वर्ग को क्या चाहिए
- टैक्स सिस्टम को आसान और स्थिर बनाया जाए
- रियल इनकम बढ़ाने वाले फैसले
- बचत बढ़े और खर्च कम हो, ऐसा संतुलन
कुल मिलाकर
Budget 2026 से मिडिल क्लास को उम्मीद है कि सरकार
👉 टैक्स में राहत दे,
👉 महंगाई से कुछ राहत दिलाए,
👉 और भविष्य की बचत को मजबूत करे।
अब देखना होगा कि 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री का बजट भाषण आम आदमी की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।





