यपुर। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को बजट 2026 पेश किया। बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नए और पुराने दोनों टैक्स सिस्टम की दरें पहले जैसी ही रखी गई हैं।
मुख्य घोषणाएं:
- रिवाइज्ड ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख बढ़ी – 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई।
- TDS और TCS दरों में कटौती – कुछ मामलों में टैक्स रेट घटाई गई।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैक्स सिस्टम
| इनकम स्लैब (रुपये में) | टैक्स दर |
|---|---|
| 0 – 4,00,000 | 0% |
| 4,00,001 – 8,00,000 | 5% |
| 8,00,001 – 12,00,000 | 10% |
| 12,00,001 – 16,00,000 | 15% |
| 16,00,001 – 20,00,000 | 20% |
| 20,00,001 – 24,00,000 | 25% |
| 24,00,001 और ऊपर | 30% |
- 4 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं।
- 12 लाख रुपये तक की इनकम पर सेक्शन 87A के तहत पूरी टैक्स छूट।
पुराना टैक्स सिस्टम
पुराने टैक्स सिस्टम में सेक्शन 80C, 80D, और होम लोन ब्याज जैसे डिडक्शन की सुविधा उपलब्ध है। सीनियर सिटिजन्स के लिए टैक्स छूट की सीमा भी ज्यादा है।
| इनकम स्लैब (रुपये में) | टैक्स दर |
|---|---|
| 0 – 2,50,000 | 0% |
| 2,50,001 – 5,00,000 | 5% |
| 5,00,001 – 10,00,000 | 20% |
| 10,00,001 और ऊपर | 30% |
- बजट 2026 से पहले यह चर्चा थी कि सरकार धीरे-धीरे पुराने टैक्स सिस्टम को खत्म कर सकती है। फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।





