July 23, 2026

CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: छत्तीसगढ़ की पंचायतों में 61% पद खाली, 3,243 करोड़ की वित्तीय कमी उजागर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की पंचायती राज व्यवस्था और स्थानीय निकायों के कामकाज को लेकर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट में पंचायतों में कर्मचारियों की भारी कमी, वित्तीय प्रबंधन में अनियमितता और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए गए हैं।

CAG के अनुसार, प्रदेश की पंचायतों में स्वीकृत पदों में से 61 प्रतिशत पद खाली हैं, जिससे स्थानीय निकायों के प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण योजनाओं के प्रभावी संचालन और निगरानी में भी दिक्कतें आ रही हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राज्य के स्थानीय निकायों को उनके हिस्से की राशि से 3,243 करोड़ रुपये कम उपलब्ध कराए गए, जिससे विकास कार्यों और वित्तीय प्रबंधन पर असर पड़ा।

इसके अलावा, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल लागू होने के बावजूद कई पंचायतों में अब भी मैनुअल हिसाब-किताब रखा जा रहा है। CAG ने इसे वित्तीय पारदर्शिता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2018 से 2023 तक जिला योजना समितियों की बैठकें आयोजित नहीं की गईं, जबकि नियमानुसार इन समितियों की नियमित बैठकें होना आवश्यक है ताकि स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जा सके।

CAG की इस रिपोर्ट ने प्रदेश की पंचायती राज व्यवस्था, वित्तीय अनुशासन और स्थानीय विकास की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।