रायपुर। देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन Confederation of All India Traders (कैट) ने छत्तीसगढ़ में संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय और प्रभावी बनाने की दिशा में नई प्रदेश टीम की घोषणा की है। राष्ट्रीय नेतृत्व की अनुशंसा और प्रदेश कोर कमेटी की सर्वसम्मति से हुई बैठक में वरिष्ठ व्यापारी नेता परमानंद जैन को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं युवा व्यापारी नेता अवनीत सिंह को प्रदेश महामंत्री और विजय पटेल को प्रदेश कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा राजेंद्र खटवानी को प्रदेश कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस संबंध में कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड सदस्य Amar Parwani समेत संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया, राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल, राष्ट्रीय चेयरमेन बृजमोहन अग्रवाल और राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन अमर पारवानी की अनुशंसा पर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
पदाधिकारियों ने कहा कि कैट छत्तीसगढ़ अब प्रदेश के प्रत्येक जिले, तहसील और स्थानीय व्यापारिक संगठनों तक मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार करने की दिशा में काम करेगा। नई टीम व्यापारियों के हितों की रक्षा, व्यापार के अनुकूल नीतियों के निर्माण, ई-कॉमर्स और विदेशी कंपनियों की अनुचित व्यापारिक गतिविधियों के खिलाफ संघर्ष तथा छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को सशक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाएगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में व्यापारिक जगत कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में एक मजबूत और सक्रिय व्यापारी संगठन की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। नई टीम अनुभव और युवा नेतृत्व के संयोजन के साथ प्रदेशभर के 12 लाख व्यापारियों के हित में काम करेगी।
राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन अमर पारवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कैट लगातार मजबूत हो रहा है और आने वाले समय में संगठन प्रदेश के प्रत्येक व्यापारी की आवाज बनकर कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि नई टीम व्यापारियों के मुद्दों को स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय मंच तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह और प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय पटेल ने कहा कि संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय और व्यापारी केंद्रित बनाया जाएगा। प्रदेशभर में संगठन विस्तार, व्यापारिक जागरूकता अभियान और स्थानीय व्यापारिक इकाइयों के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस रहेगा। साथ ही आधुनिक कार्यप्रणाली, युवा सहभागिता और डिजिटल समन्वय के माध्यम से संगठन को नई दिशा दी जाएगी।





