नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) ने कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन प्रक्रिया की तारीख आगे बढ़ा दी है। पहले यह प्रक्रिया 29 मई से शुरू होनी थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों और भारी संख्या में आवेदन को देखते हुए अब यह पोर्टल 1 जून से खोला जाएगा।
बोर्ड ने एक्स (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि पोर्टल को और अधिक सक्षम व सुचारु बनाने पर काम किया जा रहा है, ताकि छात्रों को आवेदन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। छात्र 1 जून से CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इस वर्ष बोर्ड द्वारा पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया गया है, जिसके बाद देशभर से छात्रों और अभिभावकों की कई शिकायतें सामने आई हैं। छात्रों का कहना है कि नए सिस्टम के कारण उन्हें अपेक्षा से कम अंक मिले हैं, जबकि सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया 19 मई से शुरू की गई थी, लेकिन कुछ ही घंटों में भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट पर दिक्कतें आने लगीं। शुरुआती तीन घंटों में ही करीब 1.26 लाख आवेदन दर्ज हुए, जिससे सर्वर बार-बार क्रैश होने लगा। छात्रों ने पेमेंट फेल, वेबसाइट डाउन और स्कैन कॉपी धुंधली आने जैसी समस्याओं की शिकायत की। स्थिति बिगड़ने पर आवेदन प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था। बाद में अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 मई कर दी गई थी।
बोर्ड के अनुसार, इस वर्ष लगभग 98.60 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए किया गया, जबकि 12वीं बोर्ड परीक्षा में 17.68 लाख छात्रों ने भाग लिया। बोर्ड का दावा है कि अधिकांश छात्रों को उनकी स्कैन कॉपियां भेज दी गई हैं।
वहीं इस पूरे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा है कि छात्रों को हुई असुविधा की नैतिक जिम्मेदारी उनकी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। साथ ही छात्रों और अभिभावकों से संयम बनाए रखने की अपील भी की गई है।





