रायपुर। संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा केंद्रीय बजट 2026 पेश किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, राज्य वित्त मंत्री ओपी चौधरी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने अलग-अलग दृष्टिकोण से बजट का आकलन किया।
मुख्यमंत्री ने बजट को ऐतिहासिक बताया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह बजट विकसित भारत और सुनहरे भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा,
“यह बजट पीएम मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर आधारित है। इसमें महिला और श्रमिकों के उत्थान, किसानों की आय बढ़ाने, AI के माध्यम से खेती को बढ़ावा देने, और युवाओं के रोजगार पर विशेष ध्यान दिया गया है। हर जिले में बालिकाओं के लिए हॉस्टल की व्यवस्था, खेल और शिक्षा क्षेत्र में प्रावधान, और महिला सशक्तिकरण की योजनाएं शामिल हैं।”
साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि विदेश यात्रा और शिक्षा सस्ती होगी, गंभीर बीमारियों की दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिला अस्पतालों को अपग्रेड किया जाएगा, और टैक्स चोरी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी का दृष्टिकोण
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट को 2047 तक विकसित भारत के विजन के रूप में देखा। उन्होंने कहा,
“इस बजट में रेयर अर्थ मिनरल, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, वाटरवेज, हाईस्पीड रेलवे, और पूंजीगत व्यय को ऐतिहासिक स्तर पर बढ़ाने की बात की गई है। गरीबी निवारण और अंत्योदय कल्याण के लिए भी स्पष्ट रोडमैप दिख रहा है।”
कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का विरोध
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बजट की आलोचना की और कहा कि इसमें छत्तीसगढ़ के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा,
“इस बजट ने छत्तीसगढ़ को ठगा है। महंगाई कम नहीं हुई, गरीबों को कोई फायदा नहीं मिला और क्षेत्रीय असमानता बनी हुई है। मोदी सरकार ने चुनावी लाभ के लिए राज्यों को प्राथमिकता दी। किसानों और आम जनता को कोई राहत नहीं मिली।”
बैज ने यह भी कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं घटाए गए और पिछले साल की तरह गरीबों को वास्तविक लाभ नहीं मिला।





