May 18, 2026

CG Assembly: बीजापुर पोर्टा केबिन मामला गरमाया, विपक्ष का हंगामा और सदन से बहिष्कार

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान बीजापुर जिले के गंगालूर में संचालित पोर्टा केबिन में छात्राओं के गर्भवती होने के मामले को लेकर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाया। हालांकि स्थगन की सूचना अस्वीकार होने और सत्तापक्ष के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गंगालूर पोर्टा केबिन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्ष 2002 से लगातार नाबालिग छात्राओं, विशेषकर आदिवासी लड़कियों के साथ ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है और पूरे मामले पर चर्चा कराई जानी चाहिए।

विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि इस मामले में एक छात्रा 11वीं और दूसरी 12वीं कक्षा में पढ़ती थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि दोनों छात्राओं को छात्रावास से भगा दिया गया है और प्रशासनिक अधिकारी मामले पर लीपापोती कर रहे हैं।

विधायक संगीता, कवासी लखमा और अनिला भेड़िया ने भी मामले को गंभीर बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों को पढ़ाई के लिए भेजा जाता है, लेकिन ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि पोर्टा केबिन से जुड़े ऐसे मामले लंबे समय से सामने आते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार बच्चियों की मौत को बीमारी बताकर मामला दबा दिया जाता है।

इस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को बचाने की कोशिश नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित तीनों छात्राएं फिलहाल पोर्टा केबिन में अध्ययनरत नहीं हैं और मामले की जांच कलेक्टर के निर्देश पर की जा रही है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि यदि जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं आसंदी द्वारा स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार किए जाने के बाद विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।