July 23, 2026

CG विधानसभा: गुजरात में ब्लैकलिस्ट दवा की सप्लाई पर सदन में हंगामा, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया जवाब

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन गुजरात में ब्लैकलिस्ट की गई दवाओं की छत्तीसगढ़ में कथित सप्लाई का मुद्दा सदन में गूंजा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने सरकार को घेरते हुए मरीजों को निम्न गुणवत्ता की दवाएं उपलब्ध कराने का आरोप लगाया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि संबंधित कंपनी की दवा का खरीद आदेश एहतियातन पहले ही निरस्त कर दिया गया था।

विपक्ष ने उठाए गुणवत्ता और खरीद प्रक्रिया पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पूछा कि गुजरात में प्रतिबंधित दवा को छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित क्यों नहीं किया गया? वहीं कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि राज्य में मरीजों को बिना गुणवत्ता जांच की दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और पूछा कि क्या दवाओं का प्री-टेस्ट कराया जाता है।

स्वास्थ्य मंत्री का जवाब

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सीजीएमएससी (CGMSC) के नियम पहले से तय हैं। दवाओं का प्री-टेस्ट नहीं कराया जाता, लेकिन आपूर्ति के बाद उन्हें विभागीय प्रयोगशाला में गुणवत्ता जांच के लिए भेजा जाता है।

यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड पर उठे सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अनुपस्थिति में विधायक अटल श्रीवास्तव ने पूछा कि क्या मेसर्स यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड द्वारा निर्मित एस्पिरिन टैबलेट्स आईपी गुणवत्ता मानकों पर विफल होने के कारण गुजरात में ब्लैकलिस्ट की गई थी और क्या इसकी सूचना छत्तीसगढ़ शासन या सीजीएमएससी को मिली थी।

उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या उसी कंपनी को छत्तीसगढ़ में दवा आपूर्ति का आदेश दिया गया था, कितनी मात्रा में दवा खरीदी गई, कितना भुगतान किया गया और क्या खरीद से पहले बैच परीक्षण कराया गया था।

सरकार ने किया अंतर स्पष्ट

स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब में कहा कि गुजरात मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने एस्पिरिन गैस्ट्रो-रेजिस्टेंट टैबलेट्स 75 और 150 मिलीग्राम को गुणवत्ता मानकों पर विफल होने के कारण ब्लैकलिस्ट किया था। इसकी सूचना 25 मार्च 2026 को यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड ने सीजीएमएससी को दी थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में जिस दवा का खरीद आदेश जारी किया गया था, वह एस्पिरिन टैबलेट्स आईपी 75 मिलीग्राम (अनकोटेड टैबलेट) थी, जो गुजरात में प्रतिबंधित दवा से अलग उत्पाद है।

जनहित में खरीद आदेश किया गया निरस्त

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दोनों दवाएं अलग होने के बावजूद जनहित और एहतियात के तहत यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड से संबंधित एस्पिरिन 75 मिलीग्राम (अनकोटेड) के सभी खरीद आदेश और दर अनुबंध सूचना मिलते ही निरस्त कर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई की।