रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने धान खरीदी समितियों में चूहों द्वारा धान खाने के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव रखा। जब प्रस्ताव को अग्राह्य किया गया, तो विपक्षी सदस्यों ने सदन में जमकर नारेबाजी की और गर्भगृह में पहुँचने पर स्वमेव निलंबित हो गए।
नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंंत ने कहा कि सरकार के कुप्रबंधन के कारण लगभग 4600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार धान सुरक्षा में नाकाम रही और गलत नीतियों के कारण बड़ा नुकसान हुआ।
स्थगन प्रस्ताव के अग्राह्य होने के बाद कांग्रेस सदस्यों ने सदन परिसर में भी नारेबाजी की, और सरकार से भ्रष्टाचार रोकने की मांग की।





