रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान दिव्यांगजनों की पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा गूंजा। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के जवाब पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि “यह कैसा जवाब है कि कोई अधिकारी पदोन्नति ही नहीं चाहता? लगता है होली का नशा अभी उतरा नहीं है।”
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक प्रमोद मिंज ने दिव्यांगजनों को पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा उठाया। जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए पदोन्नति में 3 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन अब तक एक भी पदोन्नति नहीं हुई है।
इस पर विधायक प्रमोद मिंज ने कहा कि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार 4 प्रतिशत पदोन्नति आरक्षण का प्रावधान है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसके निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से यह कहना कि पदोन्नति के लिए आवेदन नहीं आए, सही नहीं है और पूछा कि पदोन्नति कब तक की जाएगी।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब देते हुए कहा कि केंद्र ने इस विषय में राज्यों को अधिकार दिए हैं और छत्तीसगढ़ सरकार ने उसी के तहत 3 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई पदोन्नति लेना नहीं चाहता था। एक आवेदन आया था, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्री के जवाब पर तंज कसते हुए कहा कि “यह कैसा जवाब है कि कोई अधिकारी पदोन्नति ही नहीं चाहता?”
इसी दौरान प्रश्नकाल में विधायक चैतराम अटामी ने दंतेवाड़ा जिले में कुपोषण रोकथाम का मुद्दा भी उठाया। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि जिले में 5203 बच्चों को कुपोषण की श्रेणी में चिन्हित किया गया है।
विधायक अटामी ने पूछा कि सहायता राशि समय पर क्यों नहीं मिल पा रही है। इस पर मंत्री ने कहा कि प्रदेश भर में समय-समय पर आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। दंतेवाड़ा में विशेष कदमों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वहां टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच जैसे कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं।





