July 23, 2026

फर्जी ग्रामसभा प्रस्तावों पर विधानसभा में हंगामा, भूपेश ने कंपनियों की जमीन निरस्त करने की उठाई मांग, कांग्रेस का वॉकआउट

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को फर्जी ग्रामसभा प्रस्तावों के आधार पर उद्योग स्थापना का मामला गरमा गया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल ने सरकार से दोषियों पर सख्त कार्रवाई और संबंधित कंपनियों को आवंटित भूमि निरस्त करने की मांग की। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

प्रश्नकाल के दौरान भूपेश बघेल ने ग्राम अल्दा और देवरी-घुलघुल में उद्योग स्थापना के लिए कथित तौर पर फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव तैयार किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है और क्या संबंधित कंपनियों को आवंटित जमीन निरस्त की जाएगी।

सरकार ने जांच और एफआईआर की दी जानकारी

सरकार की ओर से बताया गया कि संबंधित कंपनियों ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से जल एवं वायु अधिनियम के तहत सहमति (Consent) के लिए आवेदन ही प्रस्तुत नहीं किया था। इसी कारण पर्यावरण मंडल को ग्रामसभा के प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए।

सरकार ने स्वीकार किया कि ग्राम अल्दा के ग्रामसभा प्रस्ताव में जालसाजी की शिकायत की जांच त्रि-सदस्यीय समिति से कराई गई थी। जांच में सामने आया कि ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से उद्योग के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन कार्यवाही पंजी की अंतिम दो पंक्तियां किसके द्वारा लिखी गईं, इसकी जानकारी किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को नहीं है।

अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

सरकार ने सदन को बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर 22 जून 2026 को थाना तिल्दा-नेवरा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि केंद्र सरकार ने संबंधित औद्योगिक परियोजनाओं को अभी तक पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान नहीं की है।

दोषियों और कंपनियों पर होगी कार्रवाई

पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने जवाब में कहा कि मामले की पुलिस जांच जारी है। विवेचना पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के साथ-साथ संबंधित कंपनियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि मंत्री के जवाब से कांग्रेस विधायक संतुष्ट नहीं हुए। भूपेश बघेल ने सरपंच-सचिव पर कार्रवाई और बालाजी स्पंज एंड आयरन लिमिटेड तथा अग्रसेन स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित जमीन निरस्त करने की मांग दोहराई। मांग पूरी नहीं होने पर कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।