July 23, 2026

CG Assembly: सरकारी विभागों पर ₹1525.18 करोड़ का बिजली बिल बकाया, नगरीय प्रशासन विभाग सबसे बड़ा डिफॉल्टर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम उपभोक्ताओं का बिजली बिल बकाया होने पर जहां बिजली कंपनी कनेक्शन काटने की कार्रवाई करती है, वहीं सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये का बकाया होने के बावजूद केवल नोटिस जारी किए जा रहे हैं। विधानसभा में पेश जानकारी के अनुसार, जून 2026 तक प्रदेश के 42 शासकीय विभागों, निगमों, मंडलों और आयोगों पर कुल ₹3035.37 करोड़ का बिजली बिल बकाया है।

यह जानकारी पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी।

नगरीय प्रशासन विभाग पर सबसे अधिक बकाया

सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सबसे बड़ा बकायेदार है। इस विभाग पर ₹1525.18 करोड़ का बिजली बिल बकाया है, जो कुल बकाया राशि का लगभग आधा हिस्सा है।

इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर ₹1057.56 करोड़ का बकाया दर्ज है। इन दोनों विभागों पर ही कुल बकाया का लगभग 85 प्रतिशत केंद्रित है।

1.57 लाख से अधिक सरकारी बिजली कनेक्शन

विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 42 विभागों के 1,57,341 बिजली उपभोक्ता कनेक्शनों पर कुल ₹3035.37 करोड़ की प्रावधिक बकाया राशि दर्ज है।

जरूरी सेवाओं के कनेक्शन तुरंत नहीं काटे जाते

मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि जल प्रदाय, अस्पताल, स्ट्रीट लाइट और स्कूल शिक्षा जैसी आवश्यक जनहित सेवाओं से जुड़े सरकारी कनेक्शनों को तत्काल नहीं काटा जाता। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों को पहले बकाया राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किए जाते हैं, ताकि आवश्यक सार्वजनिक सेवाएं बाधित न हों।

सबसे कम बकाया वाले विभाग

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, सबसे कम बकाया राशि वाले विभागों में—

  • नया रायपुर (स्मार्ट सिटी) – ₹0.01 करोड़
  • आर.डी.ए. – ₹0.01 करोड़
  • वित्त विभाग – ₹0.22 करोड़
  • योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग – ₹0.23 करोड़
  • सुशासन एवं अभिसरण विभाग – ₹0.27 करोड़
  • श्रम विभाग – ₹0.29 करोड़

प्रमुख विभागों का बिजली बिल बकाया (जून 2026 तक)

विभागबकाया राशि (₹ करोड़)
पंचायत एवं ग्रामीण विकास1057.56
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी111.42
स्कूल शिक्षा83.39
वन एवं जलवायु परिवर्तन40.70
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण32.56
अनुसूचित जाति/जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग30.95
महिला एवं बाल विकास28.57
जल संसाधन28.47
आवास एवं पर्यावरण23.30

विधानसभा में प्रस्तुत इस जानकारी ने सरकारी विभागों पर बढ़ते बिजली बकाया और उसकी वसूली की प्रक्रिया को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।