रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान महतारी वंदन योजना को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने योजना के आंकड़ों में हेराफेरी और पोर्टल बंद होने का मुद्दा उठाया। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
उमेश पटेल ने उठाए ये सवाल
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने पूछा कि जून 2026 तक महतारी वंदन योजना का लाभ कितनी पात्र महिलाओं को मिला और जिन महिलाओं को लाभ नहीं मिला, उसकी क्या वजह है।
इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि योजना के तहत प्रारंभ में 70,27,154 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 70,09,658 पात्र महिलाओं को पहली किस्त का भुगतान किया गया। उन्होंने कहा कि जून 2026 की स्थिति में 68,54,003 महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है।
ई-केवाईसी और मृत्यु बनी वजह
मंत्री ने बताया कि करीब 1,55,600 महिलाएं ऐसी हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या उनका ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा आयकरदाता महिलाओं को भी योजना से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी नहीं होने के कारण करीब 2 प्रतिशत महिलाओं का भुगतान रुका हुआ है।
पोर्टल बंद होने पर घिर गई सरकार
इस पर विधायक उमेश पटेल ने कहा कि मई महीने तक करीब 36 हजार महिलाओं का ई-केवाईसी लंबित था और 55 हजार महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि मार्च 2024 से योजना का पोर्टल बंद है, आखिर इसे कब खोला जाएगा?
मंत्री के जवाब पर मचा हंगामा
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब देते हुए कहा, “यह सुशासन की सरकार है। सरकार बनते ही दो महीने के भीतर महिलाओं के खातों में राशि पहुंचाई गई। हमें सीख देने की जरूरत नहीं है।”
मंत्री के इस बयान पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद महतारी वंदन योजना पर मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।




