May 18, 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण विभाग की 11,762 करोड़ की अनुदान मांगें पारित

रायपुर। Chhattisgarh Legislative Assembly में आज महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की 11 हजार 762 करोड़ 53 लाख रुपये की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 10,162 करोड़ 53 लाख रुपये तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1600 करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है।

महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री Laxmi Rajwade ने सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि Narendra Modi के मार्गदर्शन और Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए कई योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है।

महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाएं लाभान्वित

मंत्री राजवाड़े ने बताया कि महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। अब तक 25 किश्तों में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को दी जा चुकी है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है।

महिला और बाल विकास योजनाओं के लिए बजट प्रावधान

महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये तथा मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा

  • आंगनबाड़ी केंद्र संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये
  • पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपये
  • किशोरी बालिका योजना के लिए 40 करोड़ रुपये
  • शुचिता योजना के लिए 10 करोड़ रुपये

का बजट प्रावधान रखा गया है।

बेटियों के लिए रानी दुर्गावती योजना

मंत्री ने बताया कि सरकार बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ‘रानी दुर्गावती योजना’ शुरू करने जा रही है, जिसके तहत बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए बजट में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा पोषण अभियान के लिए 125 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

समाज कल्याण विभाग के लिए 1600 करोड़ का बजट

मंत्री राजवाड़े ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए समाज कल्याण विभाग के लिए 1600 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो पिछले पांच वर्षों की तुलना में लगभग 59 प्रतिशत अधिक है।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रदेश में करीब 21 लाख 76 हजार हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से पेंशन दी जा रही है, जिसके लिए 1402 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा

  • “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर के लिए 5 करोड़ रुपये
  • वृद्धाश्रम संचालन के लिए 6 करोड़ रुपये
  • राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ रुपये
  • मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए 20 करोड़ रुपये

का बजट रखा गया है।

मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और सुरक्षा पहुंचाना है।