March 5, 2026

CG Assistant Teacher Protest : तूता धरना स्थल पर डीएड अभ्यर्थी बेहोश, एम्बुलेंस नहीं पहुंची, आंदोलन और उग्र

नवा रायपुर। सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर पिछले एक माह से तूता धरना स्थल पर आमरण अनशन कर रहे डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अनशन पर बैठे एक अभ्यर्थी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह मूर्छित हो गया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि करीब एक घंटे तक इंतजार के बावजूद मौके पर एम्बुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरी में साथी अभ्यर्थी रोते-बिलखते हुए उसे पैदल ही अभनपुर सरकारी अस्पताल लेकर रवाना हुए।

अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की चुप्पी और शिक्षा विभाग की लापरवाही प्रदेश के युवाओं की जान पर भारी पड़ सकती है। अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ तो किसी भी अभ्यर्थी की जान जा सकती है, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


🚑 अनशन के दौरान बिगड़ी तबीयत, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

आमरण अनशन पर बैठे शैलेंद्र कुमार साहू ने बताया कि तूता धरना स्थल पर पिछले एक महीने से डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है, लेकिन शासन और शिक्षा विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सहायक शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशानुसार बीएड के 2621 सहायक शिक्षकों को बर्खास्त किया गया था और उनके स्थान पर डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति होनी थी, लेकिन विभाग ने केवल 1299 अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति दी और शेष 1314 डीएड अभ्यर्थी आज भी इंतजार में हैं।


⚖️ कोर्ट आदेशों की अनदेखी का आरोप

अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया है कि शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग इतने दिनों से मौन क्यों हैं?
क्या हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी की जा रही है?

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। अभ्यर्थियों ने साफ कहा कि अगर अनशन के दौरान किसी की मौत होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की होगी।


📍 ये है पूरा मामला

नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर पिछले एक महीने से अधिक समय से डीएड अभ्यर्थियों का आमरण अनशन जारी है। यह आंदोलन सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के शेष रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा है।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बाद बीएड धारकों को हटाकर डीएड को मौका दिया जाना था, लेकिन सरकार ने शेष करीब 1300 से 2300 पदों पर नियुक्ति नहीं की। इसी वजह से अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए हैं।


😷 160 से ज्यादा अभ्यर्थियों की बिगड़ी तबीयत

आंदोलन के दौरान अब तक 160 से अधिक डीएड अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ चुकी है, कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हाल ही में अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री के बंगले का घेराव किया था, जहां पेट्रोल लेकर आत्मदाह की कोशिश भी हुई थी। कांग्रेस नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।


🚨 शेष पदों पर तत्काल नियुक्ति की मांग

डीएड अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें हैं—

  • ✅ शेष रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति
  • ✅ कोर्ट आदेशों का पालन
  • ✅ आंदोलनकारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा
  • ✅ शिक्षा मंत्री व विभाग की जवाबदेही तय हो

अभ्यर्थियों ने कहा है कि युवा अपनी जान जोखिम में डालकर हक मांग रहे हैं, अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।