रायपुर: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साय सरकार का तीसरा बजट पेश किया, जो छत्तीसगढ़ के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। इस बजट में विशेष ध्यान नक्सल प्रभावित बस्तर और विकासशील सरगुजा क्षेत्र पर दिया गया है।
बजट की मुख्य घोषणाएं:
- बस्तर में शिक्षा और पर्यटन: अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान, पर्यटन के लिए होम स्टे को 10 करोड़, मैनपाट में पर्यटन के लिए 5 करोड़।
- स्वास्थ्य और चिकित्सा: बस्तर, सरगुजा और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज के लिए 50 करोड़, चिकित्सक भर्ती, होम्योपैथी कॉलेज रायपुर में, एनएचएम के लिए 2000 करोड़।
- जल संसाधन और अवसंरचना: बस्तर में इंद्रावती बैराज 2400 करोड़, रायपुर अंडरग्राउंड बिजली लाइन 100 करोड़, जल संसाधन विभाग 3500 करोड़।
- सड़क, परिवहन और एयरपोर्ट: मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना 200 करोड़, 206 गांवों को जोड़ने के लिए 250 करोड़, CG वायु योजना तहत एयरपोर्ट 30 करोड़, रायपुर मेट्रो के लिए सर्वे।
- कृषि और पशुपालन: कृषक उन्नति योजना 10,000 करोड़, भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 600 करोड़, मत्स्य पालन 200 करोड़, कृषि पंप 5500 करोड़, डेयरी समग्र विकास योजना 90 करोड़।
- शिक्षा और कौशल विकास: 25 कॉलेज भवनों के निर्माण के लिए 25 करोड़, विश्वविद्यालयों के लिए 731 करोड़, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस 15 करोड़, NEET/CLAT आर्थिक मदद 35 करोड़, मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना 10 करोड़।
- सामाजिक कल्याण: आयुष्मान योजना 1500 करोड़, मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना 5000 करोड़, पेंशन योजनाओं के लिए 1422 करोड़, गुड़ और नमक वितरण के लिए 1000 करोड़, मितानिन कल्याण निधि 350 करोड़।
- पर्यटन और संस्कृति: जशपुर, मैनपॉट और कोतेबेरा में पर्यटन स्थल निर्माण, डोंगरगढ़, उदरगढ़, रतनपुर, चंदरपुर और दंतेवाड़ा में शक्तिपीठ सर्किट, माता राजिम की कांस्य प्रतिमा 5 करोड़।
- तकनीक और नवाचार: मेकाहारा में AI केंद्र 10 करोड़, सूचना प्रौद्योगिकी AI सेंटर 35 करोड़, ऑप्टिकल फाइबर रायपुर 10 करोड़, डिजिटल/उद्योग विभाग 1750 करोड़।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, जनकल्याण और समावेशी प्रगति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।





