रायपुर:
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश के गृहमंत्री Amit Shah ने इस अधिनियम को सरल और तार्किक तरीके से समझाया, लेकिन विपक्ष इसे पारित नहीं होने देना चाहता था। इससे देश की करोड़ों महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंची है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रेस वार्ता में भाजपा का पक्ष रखते हुए कहा कि कांग्रेस, टीएमसी और समाजवादी पार्टी समेत ‘इंडी’ गठबंधन ने मिलकर इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने इसे देश की आधी आबादी के साथ धोखा बताया और कहा कि आने वाले समय में विपक्ष को इसका राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में महिलाओं को देवी स्वरूप माना जाता है और इसी सोच के साथ उन्हें निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देने का प्रयास किया जा रहा था। लेकिन विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों को नजरअंदाज किया।
सीएम साय ने छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना और महतारी वंदन योजना के जरिए लाखों महिलाओं को लाभ मिल रहा है।
इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री Arun Singh ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस और अन्य दलों ने हमेशा विरोध का रुख अपनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल पारित नहीं होने देना महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का संघर्ष जारी रहेगा और इसे हर हाल में लागू कराया जाएगा।





