रायपुर: मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री Narendra Modi के नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया। इस दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महापौर मीनल चौबे और महिला बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में भागीदार बनाने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया था, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके सहित ‘इंडी’ गठबंधन के दलों ने मिलकर इसे पारित नहीं होने दिया। उन्होंने इसे “घोर महापाप” बताते हुए कहा कि इससे देश की करोड़ों महिलाओं के साथ विश्वासघात हुआ है।
सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में आश्वस्त किया है कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए यह विधेयक भविष्य में जरूर पारित किया जाएगा। उन्होंने इसे महिलाओं के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोकना महिलाओं के सशक्तिकरण की भावना को ठेस पहुंचाने वाला कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी देश में बड़े बदलाव की कोशिश होती है, विपक्ष उसका विरोध करता है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी नीति “फूट डालो और राज करो” जैसी रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता अब ऐसे राजनीतिक रवैये को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
उन्होंने दोहराया कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं और उन्हें उनका अधिकार दिलाने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेगा।





