जगदलपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में नक्सलवाद, कानून व्यवस्था, महंगाई और गैस संकट को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। Deepak Baij ने नक्सलवाद खत्म करने के सरकारी दावों का स्वागत करते हुए सरकार से कई अहम सवाल भी पूछे हैं।
बैज ने कहा कि अगर सच में नक्सलवाद खत्म होने जा रहा है तो क्या सरकार यह गारंटी दे सकती है कि मार्च के बाद प्रदेश में कोई नक्सली घटना नहीं होगी, किसी कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या नहीं होगी और किसी निर्दोष को फर्जी नक्सली बताकर जेल नहीं भेजा जाएगा या एनकाउंटर नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार यह भरोसा देगी कि प्रदेश के खनिज संसाधनों को निजी कंपनियों को नहीं बेचा जाएगा। बैज ने प्रदेश में अवैध अफीम की खेती को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कभी धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ को अब अफीम का कटोरा बनाया जा रहा है।
गैस संकट और महंगाई पर भी निशाना
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और प्रदेश में गैस की कमी को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। बैज का कहना है कि सरकार पर्याप्त गैस स्टॉक होने का दावा कर रही है, लेकिन एजेंसियों में सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं, जिससे आम परिवारों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
17 मार्च को विधानसभा घेराव
इन सभी मुद्दों को लेकर Indian National Congress की प्रदेश इकाई ने “मनरेगा बचाओ आंदोलन” के तहत 17 मार्च को विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी Sachin Pilot समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे।
कांग्रेस का कहना है कि जब तक इन मुद्दों पर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।





