रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में प्रदेश में अपराधों के आंकड़े सामने आए हैं। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने विधायक उमेश पटेल के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि पिछले दो वर्षों में हत्या, लूट और विशेष रूप से अपहरण के मामलों में कई जिलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और समय-सीमा में चालान पेश करने के साथ अपराधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में सबसे ज्यादा गंभीर अपराध
आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के बड़े शहर रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग हत्या, लूट और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों में शीर्ष पर हैं। वहीं नारायणपुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और सुकमा जैसे आदिवासी बहुल जिलों में गंभीर अपराधों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।
अपहरण के मामलों में सबसे अधिक बढ़ोतरी
प्रदेश में अपहरण के मामलों में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है।
- रायपुर: 524 से बढ़कर 634 मामले
- बिलासपुर: 331 से बढ़कर 438 मामले
- दुर्ग: 229 से बढ़कर 365 मामले
- बलौदाबाजार: 202 से बढ़कर 263 मामले
- रायगढ़: 111 से बढ़कर 197 मामले
हत्या के मामलों में मिला-जुला रुझान
हत्या के मामलों में कुछ जिलों में कमी तो कुछ में वृद्धि दर्ज की गई।
- रायपुर: 85 से घटकर 84
- बिलासपुर: 59 से घटकर 50
- दुर्ग: 53 से बढ़कर 60
- कोरबा: 51 से घटकर 46
- रायगढ़: 61 से घटकर 53
लूट के मामलों में रायपुर में कमी, बिलासपुर में बढ़ोतरी
लूट के मामलों में भी अलग-अलग जिलों में अलग रुझान देखने को मिला।
- रायपुर: 66 से घटकर 64
- बिलासपुर: 31 से बढ़कर 34
- दुर्ग: 43 से घटकर 27
- बलौदाबाजार: 15 से बढ़कर 35
हिरासत में मौत के मामले बेहद कम
गृह मंत्री ने बताया कि अधिकांश जिलों में हिरासत में मृत्यु का आंकड़ा शून्य रहा। हालांकि कुछ जिलों में एक-एक मामले दर्ज हुए।
- धमतरी (2024-25): 1 मामला
- दुर्ग (2025-26): 1 मामला
- कबीरधाम (2025-26): 1 मामला
- बीजापुर (2025-26): 1 मामला
कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई पहल
गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए महिला थाना, साइबर थाना, सामुदायिक पुलिसिंग, जन चौपाल, बीट व्यवस्था और सघन पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाया गया है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘हेलो सिस्टर’ अभियान और ‘अभिव्यक्ति’ मोबाइल ऐप के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
पुलिस रिकॉर्ड में रायपुर सबसे ऊपर
1 जुलाई 2024 से 30 जून 2026 तक दर्ज पुलिस मामलों में रायपुर सबसे ऊपर रहा।
- रायपुर: 31,867 मामले
- बिलासपुर: 28,924 मामले
- दुर्ग: 22,075 मामले
- कोरबा: 12,900 मामले
- बलौदाबाजार: 12,048 मामले
वहीं नारायणपुर (564), रेल रायपुर (916), सुकमा (927) और दंतेवाड़ा (962) में सबसे कम पुलिस प्रकरण दर्ज किए गए।
जेलों में मृत्यु के मामले
सरकार के अनुसार समीक्षा अवधि में जेलों में सर्वाधिक 81 मौतें रायपुर जेल में दर्ज की गईं। इसके बाद बिलासपुर (17), दुर्ग (5), सरगुजा (5) और बस्तर (4) का स्थान रहा। कई जिलों में इस अवधि के दौरान जेल में एक भी मौत दर्ज नहीं हुई।





