May 18, 2026

छत्तीसगढ़ में भूमिहीन मजदूरों को बड़ा सहारा: योजना के तहत हर साल 10 हजार रुपये की सहायता

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना राज्य के लाखों श्रमिक परिवारों के लिए बड़ा सहारा बन रही है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

4.95 लाख से अधिक परिवारों को लाभ

योजना के तहत 4.95 लाख से अधिक पात्र परिवारों के लिए 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है।

25 मार्च को राशि अंतरित करेंगे CM

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार से इस योजना की राशि अंतरित करेंगे।

सबसे ज्यादा लाभ रायपुर जिले को

योजना के तहत सबसे अधिक लाभ रायपुर जिले के 53,338 मजदूरों को मिल रहा है।
इसके अलावा—

  • बिलासपुर: 39,401 मजदूर
  • महासमुंद: 37,011 मजदूर
  • बीजापुर: 1,542 मजदूर (सबसे कम)
  • कोरिया: 1,549 मजदूर
  • नारायणपुर: 1,805 मजदूर

सहायता राशि बढ़ाकर 10 हजार

पहले इस योजना के तहत 7,000 रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है। संकल्प बजट 2026-27 में इसके लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इन वर्गों को भी मिलेगा लाभ

योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ-साथ वनोपज संग्राहक, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी जैसे पारंपरिक काम करने वाले परिवारों को भी शामिल किया गया है।
इसके अलावा आदिवासी क्षेत्रों के पुजारी, बैगा, गुनिया और मांझी परिवारों को भी लाभ दिया जा रहा है।

आर्थिक सुरक्षा और सम्मान का संबल

सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य मजदूर परिवारों की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक सुरक्षा देना है, ताकि वे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतें बिना कर्ज के पूरी कर सकें।

यह योजना राज्य के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने और ‘अंत्योदय’ के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।