रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन अपराधों पर लगाम कसने के लिए अब डिजिटल मॉनिटरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान ‘प्रेलिमिनरी ऑफेंस रिपोर्ट (POR)’ प्रणाली का शुभारंभ किया।
डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता
मंत्री कश्यप ने कहा कि POR सिस्टम के जरिए वन अपराधों की निगरानी और कार्रवाई में पारदर्शिता आएगी और मामलों का निपटारा तेज होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बस्तर क्षेत्र, जो माओवाद के प्रभाव से काफी हद तक मुक्त हो चुका है, वहां भी वन अमले की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
रोजगार और वनोपज पर फोकस
बैठक में मंत्री ने वनोपज आधारित रोजगार गतिविधियों को बढ़ाने, कूप कटाई और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने लघु वनोपज का शत-प्रतिशत संग्रहण सुनिश्चित करने और इको-टूरिज्म व प्रसंस्करण कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
योजनाओं का लाभ समय पर देने के निर्देश
मंत्री कश्यप ने स्पष्ट कहा कि सिर्फ योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका असर जमीन पर दिखना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और रोजगार सृजन के प्रयासों में तेजी लाई जाए।
कैम्पा कार्यों पर सख्ती
बैठक में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के सभी स्वीकृत कैम्पा कार्यों का 100% व्यय सितंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में फंड लैप्स स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लैंड बैंक और वन्य प्रबंधन पर जोर
भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए लैंड बैंक व्यवस्था को मजबूत करने और वन्य प्राणी प्रबंधन योजना में गुणवत्ता सुधार के निर्देश भी दिए गए।
इको-टूरिज्म को मिलेगी रफ्तार
इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जल्द नई गाइडलाइन जारी करने और पीपीपी मॉडल के जरिए पर्यटन को गति देने की बात कही गई।
साथ ही तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों की सुरक्षा और उन्हें बेहतर मूल्य दिलाने पर जोर दिया गया।
वृक्षारोपण और योजनाओं पर फोकस
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने और ‘जी राम योजना’ के तहत नर्सरियों में बड़े पौधे तैयार करने के निर्देश दिए गए।
अवैध गतिविधियों पर सख्ती
मंत्री कश्यप ने अवैध शिकार, अवैध कटाई और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
साथ ही वनाग्नि रोकथाम, वन अधिकार पत्र वितरण में पारदर्शिता और वन्य प्राणियों से जनहानि के मामलों में त्वरित मुआवजा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।





