September 6, 2026

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की चेतावनी: दूध-दही में मिलावट करने वालों को नहीं बख्शेंगे, स्टाइपेंड और कमिश्नरेट पर भी दिया बड़ा बयान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि केवल एनालॉग पनीर ही नहीं, बल्कि दूध, दही, मक्खन और अन्य खाद्य सामग्री में मिलावट करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने मेडिकल छात्रों के स्टाइपेंड, रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के विस्तार और कांग्रेस के चुनावी दावों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

मिलावट करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

मीडिया से चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने रेलवे स्टेशन पर 500 किलो पनीर जब्त होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के सवाल पर कहा कि रेलवे परिसर से जुड़े मामलों में प्रक्रिया अलग होती है, लेकिन खाद्य विभाग पूरी तरह सतर्क है।

उन्होंने कहा, “जो लोग मिलावट का काम कर रहे हैं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। वे चाहे जितनी चालाकी करें, सरकार उनसे एक कदम आगे रहकर कार्रवाई करेगी।” मंत्री ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा को लेकर पूरे प्रदेश में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है।

मेडिकल छात्रों के स्टाइपेंड पर विचार जारी

मेडिकल कॉलेज के छात्रों द्वारा स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन पर मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का सभी को अधिकार है।

उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर छात्रों से उनकी मुलाकात हो चुकी है और मुख्यमंत्री से भी चर्चा हुई है। सरकार पूरे मामले पर गंभीरता से विचार कर रही है और उचित निर्णय लिया जाएगा।

कांग्रेस के चुनावी दावे पर साधा निशाना

साल 2028 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने विपक्ष पर तंज कसा।

उन्होंने कहा कि “कांग्रेस नेताओं के एक पॉकेट में पेट्रोल और दूसरे में माचिस है। पार्टी के भीतर ही लगातार विवाद चल रहे हैं। कांग्रेस योजनाएं तो बनाती है, लेकिन उन्हें अमल में नहीं ला पाती।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को केवल दिलासा देने का काम कर रही है।

रायपुर कमिश्नरेट विस्तार पर बोले मंत्री

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के विस्तार को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा लिखे गए पत्र पर मंत्री ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के नाते सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताना उनका अधिकार और कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि सांसद का सुझाव जनहित से जुड़ा है और इसे उसी दृष्टि से देखा जाना चाहिए। कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे पर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को जनप्रतिनिधियों से जिम्मेदारी और ईमानदारी से काम करने की सीख लेनी चाहिए।