May 15, 2026

गर्मी में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा, रायपुर समेत प्रदेश में टायफाइड-जॉन्डिस के मरीज बढ़े

रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी और पानी की कमी के बीच जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। दूषित पानी के उपयोग से पीलिया और टायफाइड के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है।

महामारी नियंत्रण विभाग के अनुसार, इस वर्ष अब तक प्रदेश में 8,756 टायफाइड के लक्षण आधारित मरीज सामने आए हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 10,954 थी। वहीं लैब कन्फर्म्ड टायफाइड के मामले भी घटकर 124 रह गए हैं, जो पिछले साल 247 थे।

तीव्र हेपेटाइटिस के मामलों में भी कमी देखी गई है। इस वर्ष अब तक 12 केस रिपोर्ट हुए हैं, जबकि पिछले वर्ष 61 मामले सामने आए थे। साप्ताहिक सर्वेलेंस रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर बताई जा रही है और हेपेटाइटिस ई तथा कोलेरा के कोई पॉजिटिव मामले नहीं मिले हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार दूषित पानी से इन बीमारियों का खतरा बढ़ता है, इसलिए पानी को उबालकर या शुद्ध कर ही सेवन करें।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बुखार, थकान, पीलापन, पेट दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग ने साफ-सफाई बनाए रखने, सुरक्षित पेयजल के उपयोग और बाहर के अस्वच्छ भोजन से बचने की अपील की है, ताकि बढ़ती गर्मी में बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके।