May 18, 2026

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल अब बनेगा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड, अधिनियम संशोधन को मंजूरी

Raipur: छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य में आवास और अधोसंरचना विकास को गति देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। 12 फरवरी 2004 को पुनर्गठित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल को अब संशोधन के बाद “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल” के रूप में विस्तारित किया जाएगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा ने मण्डल अधिनियम-1972 में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दे दी है।

मण्डल का मूल उद्देश्य विभिन्न आय वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराना रहा है। अब तक मण्डल द्वारा 1 लाख से अधिक आवासों का निर्माण किया जा चुका है, जिनमें 70 प्रतिशत से अधिक घर कमजोर वर्ग के लिए हैं।

इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी बढ़ेगी भूमिका
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि संशोधन के बाद मण्डल केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अधोसंरचना विकास, पुनर्विकास, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), मिश्रित भूमि उपयोग और नगर विकास योजनाओं में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा।

मण्डल अब पुल, सड़क, राजमार्ग, हवाई अड्डे, जलप्रदाय और माल परिवहन प्रणालियों जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को भी विकसित और क्रियान्वित कर सकेगा। साथ ही नगर विकास प्राधिकरणों और स्थानीय निकायों को तकनीकी व वित्तीय सलाह भी प्रदान करेगा।

735 करोड़ का कर्ज हुआ खत्म
सरकार ने वर्ष 2024-25 के तृतीय अनुपूरक बजट में 735 करोड़ रुपये का भुगतान कर मण्डल को ऋणमुक्त कर दिया है, जिससे भविष्य की योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा।

प्रदेशभर में 3050 करोड़ की 78 परियोजनाएं जारी
मण्डल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में लगभग 3050 करोड़ रुपये की 78 आवासीय परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इनमें से 2060 करोड़ की 56 योजनाओं का शुभारंभ नवंबर 2025 के आवास मेले में किया गया।

ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) योजना के तहत 221.21 करोड़ रुपये की 1447 संपत्तियों का विक्रय किया गया है। इसके अलावा 650 करोड़ रुपये से अधिक की 6 रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के दस्तावेज भी तैयार किए जा चुके हैं।

शहरी और ग्रामीण विकास को मिलेगा बढ़ावा
आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने बताया कि मण्डल के पास अनुभवी तकनीकी स्टाफ उपलब्ध है, जो अब उच्च गुणवत्ता के साथ अधोसंरचना और आवास परियोजनाओं को क्रियान्वित करेगा।

उन्होंने कहा कि मण्डल अब स्लम पुनर्विकास, जीर्ण-शीर्ण भवनों के पुनर्निर्माण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी से बड़े प्रोजेक्ट्स को भी तेजी से आगे बढ़ाएगा।

इस बदलाव के साथ छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरी और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।