रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डा. किरणमयी नायक ने आज रायपुर कार्यालय में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जनसुनवाई की। इस दौरान प्रदेश स्तर पर 397वीं और रायपुर जिले में 186वीं जनसुनवाई में कुल 5 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जिनमें कुछ मामलों को नस्तीबद्ध कर दिया गया।
सुनवाई के दौरान एक मामले में आवेदिका ने आरोप लगाया कि अनावेदक, जो गरियाबंद जिले में नगर सैनिक के पद पर कार्यरत है, ने धोखे से शादी की और बाद में पता चला कि वह उसकी तीसरी पत्नी है। इस पर आयोग ने अनावेदक की सेवा समाप्ति के लिए शो-कॉज नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
एक अन्य मामले में यह सामने आया कि एक शासकीय कर्मचारी ने पहली पत्नी से तलाक लिए बिना दूसरी शादी कर ली, जिससे दोनों पत्नियों से बच्चे हैं। आयोग ने इसे सेवा नियमों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित विभाग को सेवा समाप्ति की अनुशंसा भेजने के निर्देश दिए हैं।
तीसरे प्रकरण में संपत्ति विवाद से जुड़े मामले में आयोग ने पाया कि मृतक पति की संपत्ति पर कब्जे और भरण-पोषण न देने के कारण आवेदिका को मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। आयोग ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार सुरक्षित है और कब्जा हटाने के लिए कानूनी कार्रवाई की सलाह दी गई।
अन्य मामलों में दंपती विवाद और पारिवारिक कलह से जुड़े प्रकरणों में आयोग ने समझाइश देते हुए कई मामलों को नस्तीबद्ध किया और कुछ में सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में उत्पीड़न की स्थिति में एफआईआर दर्ज की जा सकती है।





