राजधानी रायपुर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि नक्सली कमांडर पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ छत्तीसगढ़ में माओवाद का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि अब राज्य तकनीकी रूप से लाल आतंक से मुक्त हो चुका है।
मीडिया से चर्चा में डिप्टी CM ने बताया कि पापाराव के साथ कुल 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 10 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं। इनके पास से 8 AK-47, एक SLR और एक INSAS सहित कई अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पापाराव पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था और उसके सरेंडर के बाद इस स्तर का कोई भी बड़ा नक्सली अब छत्तीसगढ़ में सक्रिय नहीं रहेगा।
सरकार के अनुसार, जनवरी 2024 से अब तक 2,100 से अधिक नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं। हाल के महीनों में सरेंडर की रफ्तार तेज हुई है, जिसे पुनर्वास नीति की सफलता माना जा रहा है।
हालिया घटनाओं में 11 मार्च 2026 को महासमुंद और बस्तर में 108 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था, जिन पर कुल 3.95 करोड़ रुपये का इनाम था। वहीं 1 मार्च को 25 लाख के इनामी नक्सली विकास उर्फ सुदर्शन समेत 15 नक्सलियों ने हथियार डाले थे। फरवरी में कांकेर में 25 लाख के इनामी कमांडर मल्लेश ने भी सरेंडर किया था।
सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को वित्तीय सहायता, कौशल विकास और सुरक्षा उपलब्ध कराने की बात कही है।





