जांजगीर-चांपा। नशे में धुत दूल्हे की बारात लौटाकर पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनीं मुस्कान प्रधान ने अब उसी युवक से शादी कर ली है। 23 जून को विवाह से इनकार करने के करीब 16 दिन बाद मुस्कान और संत कुमार ने आपसी सहमति से मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। दोनों का कहना है कि बातचीत के दौरान गलतफहमियां दूर हुईं, जिसके बाद उन्होंने साथ जीवन बिताने का फैसला लिया।
परामर्श केंद्र से निकलकर पहुंचीं मंदिर
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह मुस्कान परिवार परामर्श केंद्र पहुंची थीं। दोपहर में वहां से निकलने के बाद वह सीधे संत कुमार के गांव खोखरा पहुंचीं, जहां मनका दाई मंदिर में दोनों ने परिजनों की मौजूदगी में विवाह कर लिया। बताया जा रहा है कि लड़के के परिवार को इसकी जानकारी पहले से थी, जबकि लड़की के परिजनों को इसकी सूचना बाद में मिली।
घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने दी पुलिस को सूचना
मुस्कान के शाम तक घर नहीं लौटने और मोबाइल बंद मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस और साइबर टीम की जांच में पता चला कि वह संत कुमार के घर पर हैं। इसके बाद चांपा सीएसपी योगिता खपड़े टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस के अनुसार, मुस्कान ने अपनी मर्जी से संत कुमार के साथ विवाह करने और उनके साथ रहने की इच्छा जताई।
दोनों ने बताया- शादी वाले दिन हुई थी गलतफहमी
मुस्कान और संत कुमार का कहना है कि 23 जून को शादी टूटने के बाद भी दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही। संत कुमार ने दावा किया कि वह शराब का सेवन नहीं करते और शादी वाले दिन उनकी कोल्ड ड्रिंक में किसी ने नशीला पदार्थ मिला दिया था, जिससे लोगों को लगा कि वह नशे में हैं। उन्होंने मुस्कान से माफी मांगी, जिसके बाद दोनों के बीच गलतफहमियां दूर हो गईं और उन्होंने विवाह का निर्णय लिया।
हालांकि, शादी वाले दिन कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाए जाने के इस दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदेशभर में बनी थी चर्चा
गौरतलब है कि 23 जून को मुस्कान प्रधान ने शादी के मंडप में दूल्हे को कथित रूप से नशे की हालत में देखकर विवाह से इनकार कर दिया था। उनका यह फैसला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना था। मुस्कान ने उस समय कहा था, “जो शादी के दिन खुद को नहीं संभाल सकता, वह मुझे क्या संभालेगा।” उनके इस कदम की पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और कई सामाजिक संगठनों ने सराहना की थी। बाद में उन्हें महिला परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलर के रूप में भी नियुक्त किया गया था।
अब दोनों ने अपनी इच्छा से विवाह कर नया जीवन शुरू करने का फैसला लिया है, जबकि शादी वाले दिन हुई घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।





