September 4, 2026

CG News: महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में 51% की बढ़ोतरी, 76.95 करोड़ रुपये की मिली छूट; रायपुर में भी बढ़ा रुझान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन का रुझान तेजी से बढ़ा है। राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने के बाद महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी बढ़ी है। इससे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ नागरिकों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ भी मिला है।

पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार, 6 मई से 27 जुलाई 2026 के बीच महिलाओं के नाम 30,720 दस्तावेज पंजीकृत किए गए। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 20,319 था। इस तरह महिलाओं के नाम पंजीकृत दस्तावेजों में करीब 51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

एक साल में महिलाओं की हिस्सेदारी 32% से बढ़कर 41%

विभाग के मुताबिक, 6 मई से 27 जुलाई 2025 के दौरान कुल 63,174 विक्रय विलेख पंजीकृत हुए थे। इनमें 20,319 दस्तावेजों में महिलाएं खरीदार थीं और उनकी हिस्सेदारी 32 प्रतिशत थी।

वहीं 2026 की समान अवधि में कुल 74,424 विक्रय विलेख पंजीकृत हुए, जिनमें 30,720 दस्तावेज महिलाओं के नाम रहे। इससे महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 41 प्रतिशत हो गई। यानी एक साल में महिलाओं की हिस्सेदारी में 9 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है।

रायपुर में 4,220 से बढ़कर 6,038 हुए दस्तावेज

महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में प्रदेश के अधिकांश जिलों में वृद्धि दर्ज की गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार करीब 75 प्रतिशत जिलों में 20 प्रतिशत से अधिक वार्षिक वृद्धि हुई है।

रायपुर में महिलाओं के नाम पंजीकृत दस्तावेज 4,220 से बढ़कर 6,038, बिलासपुर में 1,894 से बढ़कर 2,958 और जांजगीर-चांपा में 1,239 से बढ़कर 2,302 हो गए हैं। बालोद, कोरिया और कांकेर समेत कई जिलों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

76.95 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ

महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा देने के लिए दी जा रही 50 प्रतिशत की छूट से नागरिकों को बड़ा आर्थिक लाभ मिला है। 6 मई से 27 जुलाई 2026 के दौरान इस छूट के जरिए नागरिकों को कुल 76 करोड़ 95 लाख 33 हजार 689 रुपये, यानी करीब 76.95 करोड़ रुपये की आर्थिक राहत मिली है।

महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा हमारी प्राथमिकता: CM साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और उन्हें परिवार व समाज में समान अवसर देना है। इसी उद्देश्य से महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर 50 प्रतिशत शुल्क छूट का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में बढ़ोतरी इस पहल के सकारात्मक परिणाम को दर्शाती है। संपत्ति का स्वामित्व महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में उनकी भूमिका को भी मजबूत करता है।

सामाजिक और आर्थिक सोच में सकारात्मक बदलाव: ओपी चौधरी

वित्त एवं वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में हुई वृद्धि राज्य में सामाजिक और आर्थिक सोच में आ रहे सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है। पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट ने परिवारों को महिलाओं के नाम संपत्ति दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया है।