May 18, 2026

पंचायतों में 151 करोड़ का फर्जी भुगतान उजागर, सोशल ऑडिट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खुलासा

सोशल ऑडिट रिपोर्ट ने खोली पोल

छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। सोशल ऑडिट रिपोर्ट 2025-26 में सामने आया है कि सरकारी गाइडलाइन्स और प्रक्रियाओं को नजरअंदाज करते हुए 151.07 करोड़ रुपए का फर्जी भुगतान किया गया। यह राशि बिना उचित प्रक्रिया और सत्यापन के खर्च दिखाई गई, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।

11 हजार से ज्यादा पंचायतों की जांच

प्रदेश में कुल 11,717 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें से 11,302 पंचायतों का सोशल ऑडिट किया जा चुका है। इस व्यापक जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट में 6,331 मामलों में सीधे तौर पर 19.66 करोड़ रुपए के गबन की पुष्टि हुई है, जो कि गंभीर वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है।

टेंडर और रिकॉर्ड में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ी

केवल फर्जी भुगतान ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं और टेंडर नियमों में भी बड़े पैमाने पर उल्लंघन सामने आए हैं। कुल 13,861 मामलों में टेंडर प्रक्रिया और रिकॉर्ड संधारण के नियमों का पालन नहीं किया गया। इन मामलों से जुड़ी राशि लगभग 20.49 करोड़ रुपए आंकी गई है, जो दर्शाता है कि गड़बड़ी केवल एक स्तर पर नहीं, बल्कि कई स्तरों पर फैली हुई है।

जिलावार स्थिति भी चिंताजनक

रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय अनियमितताओं में बिलासपुर जिला सबसे आगे रहा, जहां 14.33 करोड़ रुपए की गड़बड़ी दर्ज की गई। वहीं गबन के मामलों में कोरबा जिला शीर्ष पर रहा, जहां 611 मामलों के जरिए 2.42 करोड़ रुपए की हेराफेरी सामने आई। इसके अलावा जांजगीर-चांपा जिले में भी 3.85 करोड़ रुपए की अनियमितता सामने आई है।

जनता में बढ़ा आक्रोश, शिकायतों की भरमार

गांव स्तर पर हो रही इन गड़बड़ियों के खिलाफ आम जनता में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि प्रदेशभर में कुल 1,863 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इनमें राजनांदगांव जिला 225 शिकायतों के साथ सबसे ऊपर है। वहीं कोरिया, बेमेतरा और जशपुर जैसे जिलों में अपेक्षाकृत कम शिकायतें दर्ज हुई हैं, लेकिन वहां भी स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं मानी जा सकती।

कुल ऑडिटेड पंचायत 11302

श्रेणीमामलेफंसी राशि (करोड़ रु.)
फर्जी भुगतान4468151.07
टेंडर में गड़बड़ी1386120.49
गबन633119.66

बालोदा बाजार में रिकॉर्ड उल्लंघन

प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन के मामले में बालोदा बाजार जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। यहां 989 मामले दर्ज किए गए हैं, जो इस बात का संकेत है कि स्थानीय स्तर पर निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं।

सरकार ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत

इस पूरे मामले पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस बार पंचायतों का सोशल ऑडिट पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।