रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने महज़ एक साल में सरकारी और किराए के वाहनों पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह जानकारी विधानसभा में गृह मंत्री Vijay Sharma ने भाजपा विधायक Rajesh Munat के सवाल के लिखित जवाब में दी।
गृह विभाग के अनुसार, किराए के वाहनों पर 130 करोड़ रुपये, जबकि सरकारी और किराए के वाहनों के लिए डीजल-पेट्रोल पर 148 करोड़ रुपये, मरम्मत पर 41 करोड़ रुपये और अन्य मदों पर 30 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
पुलिस विभाग के पास हजारों वाहन
विभागीय जानकारी के मुताबिक राज्य पुलिस के पास कुल
- 2618 हल्के वाहन
- 720 मध्यम वाहन
- 364 भारी वाहन
- 6279 मोटरसाइकिल
उपलब्ध हैं। इनमें से कई वाहन पुराने और कंडम घोषित हो चुके हैं, इसलिए आवश्यकता के अनुसार जिला पुलिस इकाइयां वित्त विभाग के नियमों के तहत निजी वाहन किराए पर लेती हैं।
इन जिलों में किराए के वाहनों पर ज्यादा खर्च
16 फरवरी 2026 तक मिले आंकड़ों के अनुसार:
- बीजापुर – 6997 वाहन, ₹26.30 करोड़
- नारायणपुर – 6809 वाहन, ₹8.50 करोड़
- रायपुर (शहर + ग्रामीण) – 6600 वाहन, ₹15.51 करोड़
- कांकेर – 3659 वाहन, ₹7.58 करोड़
- बस्तर – 3881 वाहन, ₹7.46 करोड़
- कोंडागांव – 3048 वाहन, ₹5.49 करोड़
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि विशेष रूप से नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस को ऑपरेशन और गश्त के लिए बड़ी संख्या में किराए के वाहनों की आवश्यकता पड़ती है।
गृह विभाग के मुताबिक राज्यभर के जिलों में डीजल-पेट्रोल, मरम्मत और अन्य खर्चों का विस्तृत विवरण भी विधानसभा में प्रस्तुत किया गया है।









