रायपुर।
राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। इस पूरे विवाद पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बड़ा बयान दिया है। दिल्ली प्रवास से देर रात रायपुर लौटने के बाद एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि परिषद में वैधानिक प्रक्रिया की अनदेखी की गई है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैधानिक अध्यक्ष होते हुए भी उन्हें हटाए बिना नए अध्यक्ष की घोषणा करना नियमों के खिलाफ है, इसी कारण उन्हें न्यायालय का रुख करना पड़ा।
🏛️ “मुझे हटाए बिना अध्यक्ष की घोषणा नियम विरुद्ध” – बृजमोहन अग्रवाल
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि—
“मैं वैधानिक अध्यक्ष हूं। परिषद ने पहले ही इस विषय को स्थगित करने का निर्णय लिया था। अध्यक्ष पद पांच साल के लिए होता है। इसके बावजूद मुझे हटाए बिना सरकार ने नए अध्यक्ष की घोषणा कर दी, जो पूरी तरह अवैधानिक है।”
उन्होंने बताया कि इस विषय को उन्होंने पहले ही पार्टी और सरकार के वरिष्ठ नेताओं के संज्ञान में ला दिया था, लेकिन जब नियमों की अनदेखी हुई तो वे अदालत गए।
🏛️ दिल्ली दौरे पर क्या बोले बृजमोहन अग्रवाल?
दिल्ली प्रवास के दौरान हुई बैठकों की जानकारी देते हुए सांसद अग्रवाल ने बताया—
🔹 केमिकल फर्टिलाइजर की बैठक
देशभर के किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराने को लेकर अहम चर्चा हुई।
🔹 JPC की बैठक
जेपीसी में 1/30 अमेंडमेंट बिल पर विचार हुआ, जिसमें प्रस्ताव है कि यदि कोई मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या मंत्री 30 दिन जेल में रहता है, तो उसका पद स्वतः समाप्त हो जाएगा।
🔹 एस्टिमेट कमेटी की बैठक
स्कूल शिक्षा और समग्र शिक्षा योजना को नवोदय विद्यालयों को सौंपने को लेकर चर्चा की गई।
🗣️ टीएस सिंहदेव के बयान पर पलटवार
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के “बृजमोहन अग्रवाल की स्थिति देखकर दुख होता है” वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद अग्रवाल ने कहा—
“मेरी स्थिति पर किसी को दुखी या खुश होने की जरूरत नहीं है। मैं अपनी स्थिति खुद बनाना जानता हूं।”





