March 5, 2026

रेरा का सख्त एक्शन: प्रतिबंधित गोदरेज प्रॉपर्टी के सोशल मीडिया विज्ञापनों पर ₹10,000 प्रतिदिन जुर्माना

रायपुर। राजधानी रायपुर में करीब 150 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन के गलत नामांतरण से जुड़े विवाद के बीच छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (CG RERA) ने कड़ा रुख अपनाया है। रेरा ने प्रतिबंध के बावजूद सोशल मीडिया पर विज्ञापन जारी रखने के मामले में संबंधित एजेंटों पर ₹10,000 प्रतिदिन की दर से जुर्माना लगाया है, जो अधिकतम ₹88.55 लाख तक वसूला जाएगा। यह जुर्माना तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी प्लेटफॉर्म से विज्ञापन पूरी तरह नहीं हटाए जाते।

सोशल मीडिया से मिली शिकायत, रेरा ने लिया स्वतः संज्ञान

छत्तीसगढ़ रेरा को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड की जिस भूमि पर पहले से क्रय-विक्रय और विज्ञापन पर रोक है, उसके बावजूद कुछ एजेंट लगातार खरीदी-बिक्री से जुड़े विज्ञापन चला रहे हैं। पुख्ता सबूत मिलने के बाद रेरा अध्यक्ष संजय शुक्ला ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और प्रकरण में स्वतः संज्ञान लिया गया।

इन एजेंटों के खिलाफ हुई कार्रवाई

रेरा में हुई सुनवाई के दौरान सामने आया कि निम्न एजेंट/कंपनियों ने सोशल मीडिया पर गोदरेज प्रॉपर्टी से संबंधित विज्ञापन प्रकाशित किए—

  • दीक्षांत राठौर (पुणे, महाराष्ट्र)
  • बलराम शशिकांत झा (मीरा रोड ईस्ट, महाराष्ट्र)
  • प्रॉपर्टी क्लाउड रियलिटी स्पेशिफायर प्रा. लि. (मुंबई)
  • अतुल्यम इंफ्राटेक प्रा. लि. (शकुरपुरा, दिल्ली)

सितंबर 2024 में ही लग चुकी है रोक

गौरतलब है कि सितंबर 2024 में ही छत्तीसगढ़ रेरा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर तहसील के ग्राम डोमा स्थित लगभग 50 एकड़ भूमि (खसरा क्रमांक 213/2, 213/125, 15016, 15017/1 आदि) के क्रय-विक्रय और विज्ञापनों पर रोक लगा दी थी।

रेरा की जांच में पाया गया था कि इस परियोजना का रेरा में पंजीकरण नहीं कराया गया, जबकि रेरा अधिनियम 2016 की धारा-3 के तहत बिना पंजीकरण किसी भी रियल एस्टेट परियोजना की बिक्री, प्रचार या विज्ञापन पूरी तरह प्रतिबंधित है।

रेरा का स्पष्ट संदेश

रेरा ने साफ कर दिया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और प्रतिबंधित परियोजनाओं के प्रचार-प्रसार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।