May 18, 2026

सरगुजा ओलंपिक 2026 से उत्तर छत्तीसगढ़ में खेल क्रांति, 3.5 लाख खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन

रायपुर। अपनी समृद्ध संस्कृति और आदिवासी परंपराओं के लिए पहचाने जाने वाला Chhattisgarh अब खेलों के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। Bastar Olympics की सफलता के बाद अब Surguja Olympics 2025-26 उत्तर छत्तीसगढ़ में खेलों के नए दौर की शुरुआत बनकर उभरा है।

राज्य के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में आयोजित यह खेल महोत्सव ग्रामीण और आदिवासी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का बड़ा अभियान बन चुका है।

3.5 लाख खिलाड़ियों का पंजीयन

सरगुजा ओलंपिक में लगभग 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है, जो इस आयोजन की लोकप्रियता को दर्शाता है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से गांव और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है।

महिलाओं की बड़ी भागीदारी

इस आयोजन की खास बात महिला खिलाड़ियों की बड़ी भागीदारी है।

  • लगभग 1 लाख 89 हजार महिला खिलाड़ी
  • करीब 1 लाख 59 हजार पुरुष खिलाड़ी

यह आंकड़ा ग्रामीण समाज में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सामाजिक बदलाव का संकेत देता है।

12 खेल विधाओं में प्रतियोगिता

सरगुजा ओलंपिक में 12 खेल विधाओं को शामिल किया गया है, जिनमें प्रमुख हैं:

  • कबड्डी
  • खो-खो
  • तीरंदाजी
  • फुटबॉल
  • वॉलीबॉल
  • हॉकी
  • कुश्ती
  • रस्साकसी

इन प्रतियोगिताओं का आयोजन विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर तीन चरणों में किया जा रहा है, ताकि गांवों से लेकर शहरों तक हर खिलाड़ी को अवसर मिल सके।

‘गजरु’ शुभंकर बना आकर्षण का केंद्र

सरगुजा ओलंपिक का शुभंकर “गजरु” हाथी की आकृति पर आधारित है, जो शक्ति, धैर्य और एकता का प्रतीक माना जाता है। आयोजन के लोगो में Tiger Point Waterfall की झलक भी दिखाई गई है, जो सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक है।

खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच

राज्य सरकार ने घोषणा की है कि सरगुजा ओलंपिक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य की खेल अकादमियों में प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही उन्हें यूथ आइकॉन के रूप में पहचान भी दी जाएगी।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी

छत्तीसगढ़ को एक और बड़ी जिम्मेदारी मिली है। राज्य में Khelo India Tribal Games 2026 का आयोजन 25 मार्च से 6 अप्रैल 2026 तक Raipur, Bastar और Surguja में किया जाएगा। इसमें देशभर के आदिवासी खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

सरकार का मानना है कि बस्तर और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजन छत्तीसगढ़ में खेलों को जन-आंदोलन का रूप दे रहे हैं और आने वाले समय में यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।