May 15, 2026

सुशासन तिहार 2026: CM साय का बड़ा एक्शन प्लान, 1 मई से लगेंगे समाधान शिविर; 30 अप्रैल तक लंबित मामलों के निपटारे के निर्देश

छत्तीसगढ़ में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और सुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार एक बार फिर “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन करने जा रही है। इसको लेकर मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में शासन की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा है कि जन शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण ही सुशासन की आधारशिला है। इसके लिए विशेष अभियान चलाने और जन समस्या निवारण शिविरों के व्यापक आयोजन पर जोर दिया गया है।

1 मई से 10 जून तक लगेंगे समाधान शिविर

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 1 मई से 10 जून 2026 के बीच प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह बनाकर शिविर लगाए जाएंगे, जबकि नगरीय क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर इनका आयोजन किया जाएगा।

इन शिविरों में शासन की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

साथ ही, शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण करने और प्रत्येक आवेदक को उसकी स्थिति की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी करेंगे निरीक्षण

सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai स्वयं शिविरों में शामिल होंगे और विभिन्न जिलों का दौरा कर विकास कार्यों का औचक निरीक्षण करेंगे।

इसके अलावा मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव भी समय-समय पर शिविरों में शामिल होकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और आमजन से संवाद स्थापित करेंगे।

शिविर के दौरान आम नागरिकों से सीधे मुलाकात की जाएगी, वहीं दोपहर के बाद जिला मुख्यालयों में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

जिला स्तर पर होगी समीक्षा और कार्ययोजना

जिला मुख्यालयों में आयोजित बैठकों में समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति, विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी।

इसके साथ ही आगामी कार्ययोजना तैयार की जाएगी और राज्य स्तर से बिंदुवार समीक्षा पत्रक भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि कार्यों की निगरानी प्रभावी ढंग से हो सके।

30 अप्रैल तक लंबित मामलों के निपटारे के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि 30 अप्रैल 2026 तक जिले में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

इसमें भूमि से जुड़े मामले जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा मनरेगा के तहत लंबित मजदूरी भुगतान, विभिन्न योजनाओं के लंबित लाभ और आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र से जुड़े आवेदनों का भी शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

साथ ही बिजली संबंधी शिकायतों, ट्रांसफार्मर की समस्याओं, हैंडपंप मरम्मत और पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ समय पर सुनिश्चित किया जाए।