डोंगरगांव। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के हित में विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित करने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर को पत्र भेजा है।
पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के कार्यरत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति के अवसर और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार को ध्यान में रखते हुए विभागीय सीमित टीईटी परीक्षा आयोजित किया जाना आवश्यक है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि न्यायालय में लंबित पुनर्विचार याचिका खारिज हो जाती है तो टीईटी पास करने की निर्धारित दो वर्ष की समय-सीमा समाप्त होने की आशंका बनी रहेगी। इससे कई शिक्षक पदोन्नति और सेवा सुरक्षा के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि पहले क्रमोन्नति के नाम पर हजारों शिक्षकों से लाखों रुपये की उगाही की गई, लेकिन उसका कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। संगठन ने आशंका जताई कि टीईटी के मामले में भी ऐसी स्थिति दोहराई जा सकती है।
संगठन का कहना है कि वर्तमान में शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रावधान सामान्य अभ्यर्थियों के लिए हैं, जबकि विभाग में वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों के लिए अलग से सीमित विभागीय पात्रता परीक्षा की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में शिक्षकों के हित में शिक्षा विभाग को सकारात्मक पहल करते हुए विभागीय सीमित टीईटी परीक्षा आयोजित करनी चाहिए।





