May 14, 2026

वनोपज संग्राहकों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की डिजिटल पहल, IVRS सेवा से मिलेगी बाजार भाव और योजनाओं की जानकारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने वनांचल में रहने वाले वनोपज संग्राहकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने नया रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से “छत्तीसगढ़ वनोपज संरक्षण वाणी” और IVRS आधारित सूचना एवं संवाद तंत्र का शुभारंभ किया। इस पहल से राज्य के 13 लाख से अधिक वनोपज संग्राहक परिवारों को लाभ मिलेगा।

इस नई व्यवस्था के तहत संग्राहकों को टोल फ्री नंबर 9811125813 पर मिस्ड कॉल देना होगा। इसके बाद 911 से शुरू होने वाले नंबर से कॉल बैक आएगा, जिसमें उपयोगकर्ता हल्बी, गोंडी जैसी स्थानीय बोलियों में जंगल संरक्षण, वनोपज संग्रहण, बाजार भाव और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी सुन सकेंगे। साथ ही वे अपनी राय और सुझाव भी रिकॉर्ड कर पाएंगे।

सरकार का दावा है कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और वनोपज संग्राहकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह पहल छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित, रायपुर द्वारा संचालित की जा रही है।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से दूरस्थ वन क्षेत्रों तक जानकारी पहुंचाकर लाखों परिवारों की आजीविका को मजबूत किया जाएगा। इस अवसर पर संघ की ईडी संजीता गुप्ता, डीजीएम जाधव सागर रामचंद्र और महाप्रबंधक सुबीर कुमार दत्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।