July 23, 2026

CG Vidhansabha: जल जीवन मिशन पर सरकार घिरी, रायपुर के जल संकट और बैकुंठपुर की योजनाओं पर विपक्ष के तीखे सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान जल जीवन मिशन और अमृत मिशन के क्रियान्वयन को लेकर सरकार को सत्ता पक्ष के विधायकों के सवालों का सामना करना पड़ा। भाजपा विधायक भईयालाल राजवाड़े, अजय चंद्राकर, सुनील सोनी और राजेश मूणत ने प्रदेश, खासकर रायपुर में पेयजल संकट और योजनाओं की धीमी प्रगति पर सरकार से जवाब मांगा।

रायपुर के जल संकट पर सरकार से सवाल

विधायकों ने कहा कि हर वर्ष राजधानी रायपुर के कई इलाकों में भीषण जल संकट की स्थिति बन जाती है। जिन क्षेत्रों में पानी की टंकियां बनी हुई हैं, वहां भी लोगों को टैंकरों के भरोसे रहना पड़ता है।

इस पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार लगातार योजनाओं पर काम कर रही है और सभी घरों तक नल से जल पहुंचाने के लिए प्रयास जारी हैं।

अमृत मिशन की प्रगति पर मंत्री का जवाब

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने रायपुर में अमृत मिशन के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाया। मंत्री अरुण साव ने बताया कि वर्ष 2016 से योजना का क्रियान्वयन शुरू हुआ था। उपलब्ध बजट के अनुसार पांच पैकेज स्वीकृत किए गए, जिनमें से कई कार्य आंशिक रूप से पूरे हो सके हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में 304 करोड़ रुपये के कार्य प्रक्रियाधीन हैं। बढ़ती आबादी और गिरते भूजल स्तर जैसी चुनौतियों के बावजूद सरकार सभी घरों तक पेयजल पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।

अजय चंद्राकर ने उठाए कई सवाल

अजय चंद्राकर ने पूछा कि मूल परियोजना कितने वार्डों के लिए बनाई गई थी और कितनी राशि का प्रस्ताव भेजा गया था। उन्होंने दावा किया कि 1.21 लाख घरों तक अब भी पानी नहीं पहुंच रहा है, ऐसे में योजना तैयार करने की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

इस पर मंत्री ने कहा कि अमृत मिशन के पहले चरण में 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार राशि स्वीकृत हुई थी। बजट की कमी के कारण कुछ कार्य पूरे नहीं हो सके, लेकिन शेष कार्यों को पूरा किया जा रहा है।

15वें वित्त आयोग और स्मार्ट सिटी फंड पर भी चर्चा

चंद्राकर ने स्मार्ट सिटी और 15वें वित्त आयोग से पेयजल परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराई गई राशि की जानकारी भी मांगी।

जवाब में मंत्री अरुण साव ने बताया कि वर्तमान में स्वीकृत 304 करोड़ रुपये के अतिरिक्त 15वें वित्त आयोग से 45.33 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न पेयजल अधोसंरचना कार्यों के लिए स्वीकृत की गई है, जिनमें लाभांडी सहित अन्य क्षेत्रों की परियोजनाएं शामिल हैं।

पीएचई की भूमिका पर जवाब से असंतुष्ट दिखे विधायक

अजय चंद्राकर ने यह भी पूछा कि लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHE) किस योजना के तहत पेयजल उपलब्ध कराता है और नगर निगम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जवाबदेही किसकी है।

मंत्री ने कहा कि पेयजल आपूर्ति और गुणवत्ता जांच के लिए पूरा तकनीकी तंत्र मौजूद है तथा कार्यपालन अभियंता इसकी निगरानी करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में पीएचई विभाग ही इन योजनाओं का संचालन करता था।

हालांकि, मंत्री के जवाब से असंतुष्ट अजय चंद्राकर ने कहा कि उनके मूल प्रश्न का उत्तर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यदि उनका प्रश्न नियमों के अनुरूप नहीं है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

बैकुंठपुर में जल जीवन मिशन पर भी सवाल

भाजपा विधायक भईयालाल राजवाड़े ने अपने विधानसभा क्षेत्र बैकुंठपुर में जल जीवन मिशन की स्थिति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में योजना प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पाई है और लोगों को अब भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।