July 23, 2026

CG Vidhansabha: वेदांता हादसे पर सदन में गरमाई बहस, अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी पर विपक्ष का वॉकआउट

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान औद्योगिक दुर्घटनाओं और सक्ती स्थित वेदांता पावर प्लांट हादसे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने हादसे में कंपनी के निदेशक अनिल अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

सेफ्टी ऑडिट और हादसों पर सरकार से सवाल

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पूछा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में कितनी औद्योगिक दुर्घटनाएं हुईं और कितने उद्योगों में समय पर सेफ्टी ऑडिट कराया गया। उन्होंने कहा कि विभागीय दस्तावेजों के अनुसार कई दुर्घटनाओं का कारण सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होना है।

मंत्री बोले- 32 कारखानों का हुआ सेफ्टी ऑडिट

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने जवाब देते हुए कहा कि खतरनाक रसायनों से जुड़े कारखानों में नियमों के तहत मान्यता प्राप्त एजेंसियों से सेफ्टी ऑडिट कराया जाता है। प्रदेश के 32 कारखानों में सेफ्टी ऑडिट कराया जा चुका है और जहां ऑडिट नहीं हुआ है, वहां नियमानुसार कार्रवाई का प्रावधान है।

वेदांता हादसे पर उठे सवाल

डॉ. महंत ने सक्ती के वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि अब तक केवल दो लोगों को ही आरोपी क्यों बनाया गया। इस पर मंत्री ने कहा कि अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई प्रक्रियाधीन है और श्रम विभाग ने भी श्रम न्यायालय में प्रकरण दायर किया है।

अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी पर सरकार से जवाब

विपक्ष ने सवाल किया कि जब पुलिस दस्तावेजों में अनिल अग्रवाल का नाम दर्ज है, तो उनकी गिरफ्तारी के लिए क्या कार्रवाई की जा रही है। मंत्री ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है और “किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”

मुआवजे का मुद्दा भी उठा

विधायक राम कुमार यादव ने कहा कि हादसे के पीड़ित मजदूरों और उनके परिजनों को घोषित आर्थिक सहायता अब तक पूरी तरह नहीं मिली है। इस पर मंत्री ने बताया कि कंपनी ने मृतकों के आश्रितों को 35-35 लाख रुपये का मुआवजा दिया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 5 लाख रुपये और केंद्र सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की सहायता भी स्वीकृत की गई है।

भूपेश बघेल ने सरकार पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यदि अनिल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, तो सरकार स्पष्ट करे कि क्या भविष्य में किसी भी औद्योगिक हादसे में जिम्मेदार निदेशकों के खिलाफ इसी तरह कार्रवाई होगी या यह केवल एक मामले तक सीमित है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं ऐसा तो नहीं कि अनिल अग्रवाल पर कार्रवाई केवल दबाव बनाने के लिए की जा रही हो और वास्तविक दोषियों को बचाने का प्रयास हो रहा हो।

जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट

मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर विपक्ष ने सदन में विरोध दर्ज कराया और अंततः वॉकआउट कर दिया। इसके साथ ही औद्योगिक सुरक्षा, सेफ्टी ऑडिट और वेदांता हादसे में जवाबदेही का मुद्दा विधानसभा में प्रमुख चर्चा का विषय बन गया।