रायपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे देश को कवर कर लिया है, लेकिन छत्तीसगढ़ में बारिश की रफ्तार अभी भी सामान्य से कम बनी हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के उत्तर और मध्य हिस्सों में बारिश कमजोर रही, जबकि दक्षिणी जिलों में मध्यम वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को रायपुर में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं होने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस रायपुर (माना) में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड हुआ। फिलहाल राज्य में मानसूनी बारिश सामान्य से 18 प्रतिशत कम है।
बीते 24 घंटे में गंगालूर में 3 सेमी, दंतेवाड़ा, करपावंड, पेण्ड्रा रोड, गीदम, लोहंडीगुडा और सकोला में 2-2 सेमी तथा रेंगाखार कला, बस्तर, मरवाही, धानोरा, डोंगरगढ़, धबहारपुर और भैरमगढ़ में 1-1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
सिनोप्टिक सिस्टम का असर
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून द्रोणिका अनूपगढ़, रोहतक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, फुरसतगंज, डेहरी, धनबाद, बांकुरा और दीघा होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। वहीं दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर तक फैले चक्रवाती परिसंचरण के साथ सक्रिय है। इसके अगले 24 घंटों में उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ते हुए कमजोर पड़ने की संभावना है।
रायपुर का मौसम
राजधानी रायपुर में शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
इन जिलों में यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, जशपुर और सरगुजा जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।





