March 5, 2026

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में ठंड से राहत, 28 जनवरी को बारिश और वज्रपात की संभावना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाड़ कंपाने वाली ठंड से लोगों को राहत मिलने लगी है, हालांकि आगामी दिनों में ठंड की हल्की वापसी के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार यह ठंड पहले जैसी तीव्र नहीं होगी। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज कुछ क्षेत्रों में बिजली गिर सकती है। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे बाद तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौसम सामान्य बना रहेगा।

📊 बीते 24 घंटे का तापमान

प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान

  • सबसे अधिक तापमान: 31.5°C — राजनांदगांव
  • सबसे कम तापमान: 11°C — अंबिकापुर

बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।


⛈ हल्की बारिश और वज्रपात की चेतावनी

उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग और उससे लगे बिलासपुर संभाग के एक-दो जिलों में हल्की वर्षा हो सकती है। कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात की भी आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में न्यूनतम तापमान में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 28 और 29 जनवरी को सरगुजा संभाग व आसपास के जिलों में तापमान गिर सकता है।


🌬 मौसम प्रणाली की स्थिति

वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किमी ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में स्थित है। इसके साथ ही मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल में पछुआ हवाओं की द्रोणिका सक्रिय है।

पूर्वोत्तर भारत में करीब 135 नॉट की गति वाली उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम प्रभावी बनी हुई है, जिसका असर मौसम पर पड़ रहा है।


🔄 नया पश्चिमी विक्षोभ करेगा असर

एक नया पश्चिमी विक्षोभ 30 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके असर से 28 जनवरी को उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश और मेघगर्जन की संभावना है।

  • उत्तर छत्तीसगढ़ में पहले 24 घंटे खास बदलाव नहीं।
  • इसके बाद 3 दिनों में 1-3°C गिरावट संभव।
  • मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिनों तक न्यूनतम तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा।

⚠️ लोगों के लिए सलाह

  • वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से बचें।
  • बारिश के समय पेड़ों के नीचे न रुकें।
  • किसान मौसम अपडेट पर नजर रखें।