रायपुर। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल रहा है। नमीयुक्त हवा के आगमन से अगले कुछ दिनों में रात के तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे कड़ाके की ठंड से 18 जनवरी तक राहत मिल सकती है। इसका असर खासतौर पर उत्तरी छत्तीसगढ़ में अधिक देखने को मिलेगा।
दिन के समय बादल छाए रहने से अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है, जिससे ठंडक का अहसास बना हुआ है। जनवरी के पहले दस दिन सामान्य ठंड के साथ बीते हैं।
अंबिकापुर में सबसे ज्यादा ठंड
पिछले 24 घंटे में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं बिलासपुर में अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दुर्ग संभाग के कुछ इलाकों में शीतलहर का भी असर देखा गया।
सरगुजा संभाग में ठंड का जोर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सरगुजा संभाग में ठंड का असर अभी भी तेज है। मैनपाट, बलरामपुर, जशपुर सहित कई इलाकों में पाला (बर्फ जमने जैसी स्थिति) देखी जा रही है। मौसम में बदलाव का सबसे ज्यादा असर इन्हीं क्षेत्रों में होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड का मौसम अभी समाप्त नहीं हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के हटने के बाद जनवरी के दूसरे पखवाड़े में फिर से तेज ठंड पड़ सकती है। कई बार जनवरी के अंतिम दिनों में सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई है।





