September 4, 2026

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, अगले 4 दिनों तक बारिश के आसार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के उत्तरी इलाकों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मंगलवार को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई। इस दौरान बिलासपुर जिले के बोदरी में सबसे ज्यादा 7 सेमी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक की मौसमी वर्षा सामान्य से 7 प्रतिशत कम रही है।

जगदलपुर और दुर्ग में 32.6 डिग्री तापमान

मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। इस दौरान जगदलपुर और दुर्ग में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने रायपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है।

इन इलाकों में हुई बारिश

मंगलवार को बोदरी में 7 सेमी, जबकि बिलासपुर, सकरी और पथरिया में 5-5 सेमी बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा कुमरदा, दुलदुला, मरीं बंगला देवरी, गोबरा नवापारा और तखतपुर में 4-4 सेमी, जबकि बैकुंठपुर, डोंडीलोहारा, बिल्हा, लालपुर थाना, कोटा और मुंगेली में 3-3 सेमी वर्षा हुई।

छिंदगढ़, भाटापारा, अर्जुन्दा, मस्तूरी, राजिम, छुरा, भाखरा, छुरिया, दाढ़ी, पचपेड़ी और अंबागढ़ चौकी में 2-2 सेमी बारिश दर्ज की गई।

वहीं नांदघाट, कुरूद, गुरूर, चिरमिरी, पाटन, रामचंद्रपुर, गुंडरदेही, धमतरी, बलरामपुर, डोंगरगांव, नवागढ़, बरमकेला और अभनपुर में 1-1 सेमी वर्षा हुई।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका बीकानेर, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, सीधी, रांची, दीघा होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।

इसके अलावा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से आज इसी क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। नए सिस्टम के बनने के बाद आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।